चीनी उद्योग का पुनर्जीवन गन्ना किसानों के लिए स्वर्णिम युग : मंगल
पूर्व मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार सरकार ने गन्ना किसानों की आय बढ़ाने के लिए चीनी उद्योग को पुनर्जीवित करने का संकल्प लिया है। 'सात निश्चय-3' योजना के तहत नई चीनी मिलें स्थापित की जाएंगी, जिससे राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई मिलेगी।

पूर्व मंत्री व भाजपा नेता मंगल पांडेय ने गुरुवार को कहा है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कुशल नेतृत्च एवं दूरदर्शी सोच के परिणामस्वरूप बिहार की एनडीए सरकार ने राज्य के गन्ना किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई देने के लिए चीनी उद्योग को मिशन मोड में पुनर्जीवित करने का संकल्प लिया है। ‘सात निश्चय-3’ योजना के तहत 25 नई अत्याधुनिक चीनी मिलें स्थापित करने और दशकों से बंद पड़ी मिलों को फिर से पुनर्जीवित करने का निर्णय बिहार की तकदीर और तस्वीर दोनों बदल देगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और सीएम सम्राट चौधरी का बिहार के लाखों किसानों की ओर से हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।
यह कदम प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत, किसान कल्याण और विकसित भारत 2047 के संकल्प को धरातल पर उतारने वाला है। एक समय था जब बिहार देश का सबसे बड़ा चीनी उत्पादक राज्य था। मोतिहारी, लौरिया, सुगौली, रीगा, मझौलिया, सासामुसा आदि की मिलों की मिठास पूरे देश में फैलती थी। लेकिन 1990 के बाद राजद सरकार की किसान-विरोधी नीतियों और भ्रष्टाचार के कारण एक-एक कर 28 चीनी मिलों पर ताला लग गया। लाखों परिवार बेरोजगार हो गए।
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