
पारंपरिक लोक संस्कृति का संरक्षण विभाग की प्राथमिकता : अरुण शंकर प्रसाद
बिहार के कला एवं संस्कृति मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने लोकगीतों और परंपराओं के संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने मुंबई में फिल्म निर्माताओं के साथ बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया। स्थानीय कला को प्राथमिकता देने और संग्रहालयों की कलाकृतियों के संरक्षण के लिए सत्यापन को अनिवार्य बताया।
बिहार के पारंपरिक लोककलाओं, लोकगीतों व सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण विभाग की प्राथमिकता है। विलुप्त हो रहे लोकगीतों व परंपराओं का संरक्षण आवश्यक है। ये बातें कला एवं संस्कृति मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने मंगलवार को बिहार संग्रहालय में आयोजित बैठक में कहीं। यहां सांस्कृतिक विरासत संरक्षण व इससे संबंधित योजनाओं पर चर्चा की गई। अरुण शंकर प्रसाद ने मार्च-अप्रैल में राज्य की फिल्म प्रोत्साहन नीति के संबंध में संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से मुंबई के फिल्म निर्माताओं के साथ बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया। संग्रहालयों की कलाकृतियों की सुरक्षित संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए सत्यापन को अनिवार्य बताया।
उन्होंने कहा कि किसी भी कार्यक्रम में स्थानीय कला और कलाकारों को प्रथमिकता देना है। प्रत्येक जिले के कलाकार पंजीयन संख्या की समीक्षा की गई। मंत्री ने विभागीय कैलेंडर का लोकार्पण किया। विभागीय सचिव प्रणव कुमार ने अटल कला भवन व प्रेक्षागृहों के लिए विभिन्न जिलों के कला एवं संस्कृति पदाधिकारियों को भूमि उपलब्ध कराने और निर्माण कार्यों के नियमित निरीक्षण कराने के आदेश दिए। सचिव ने कलाकार पेंशन योजना में आयु संबंधित समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए। उन्हें पुरातत्व संरक्षण तथा विकास से संबंधित प्रस्तावों की उपलब्धता, मासिक क्षेत्र भ्रमण के बाद नियमित प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।

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