Bihar prepares to leave Gujarat in milk production - दूध उत्पादन में गुजरात को पीछे छोड़ने की तैयारी में बिहार DA Image

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दूध उत्पादन में गुजरात को पीछे छोड़ने की तैयारी में बिहार

दूध उत्पादन में गुजरात को पीछे छोड़ने की तैयारी में बिहार

दूघ उत्पादन में गुजरात को पीछे छोड़ने की तैयारी कर रहा है बिहार। इसके लिए गव्य विकास की जो योजनाएं शुरू की गयी हैं, उनसे राज्य में दूध उत्पादन में ज्यामितिक दर से वृद्धि हो रही है और बहुत जल्द गुजरात और पंजाब से आगे होगा बिहार। मेले में भले ही दुधारू गायों और भैंस की संख्या अंगुलियों पर गिने जाने लायक है पर पशु एवं मत्स्य विभाग के गव्य विकास निदेशालय की प्रदर्शनी में गौ पालन की बुलंद तस्वीर पेश की गयी है। नारा दिया जा रहा  है-गौ पालन : सुख, समृद्धि और सम्मान। 

प्रदर्शनी के प्रवेश द्वार पर ही गायों और भैंसों के बारे में जानकारी प्रदर्शित की गयी है और बताया जा रहा  है कि उन्नत नस्ल की गायें कहां पर पायी जाती हैं। वे नस्लें पहले मेले में लायी जाती थीं लेकिन कई कारणों से पिछले कई वर्षों से पंजाब के व्यापारियों ने मेले में आना बंद कर दिया। लेकिन, किसान इन गायों को वहां से मंगा सकते हैं या राज्य में मान्यता प्राप्त पशु हाटों से उन्हें खरीद सकते हैं। इस कार्य में सरकारी एजेंसी पूरी तरह सहयोग करेगी। प्रदर्शनी में चालू वित्त वर्ष की समग्र गव्य विकास योजना की रिपोर्ट भी पेश की गयी है।

मिलेगा भारी अनुदान
सरकार ने गौ पालन की जो समग्र योजना बनायी है, उससे महज कुछ वर्षों में ही गुजरात के आणंद की तरह दूध उत्पादन कई गुना अधिक हो जाएगा। अब अपनी ओर से किसान मामूली राशि लगाएंगे  और योजना लागत का 50 से 66 प्रतिशत अनुदान सरकार देगी। यह योजना राज्य में शुरू भी हो गयी है। सामान्य वर्ग के लिए लागत का 50 प्रतिशत और अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए 66.66 प्रतिशत  अनुदान है। किसान दो से दस गायें पालने की योजना बना सकते हैं।

पनीर, खोवा और घी बनाकर भी लाभ कमाएं
किसान पनीर, खोआ और घी मेकिंग मशीन लगाकर भी अच्छी आय हासिल कर सकते हैं। इसके लिए भी सरकार ने उतना ही अनुदान देना तय किया है जितना गौ पालन के लिए निर्धारित है। 

प्रदर्शनी में किसानों के प्रोत्साहन के लिए यह नारा दिया गया है-अतिरिक्त आय के सृजन हेतु खोआ, पनीर और धी संयंत्र लगाना है। यह भी बताया जा रहा है कि गौ पालन योजनाओं  के लिए कहां और कैसे आवेदन देना है।

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