बच्चों ने टेराकोटा, मास्क मेकिंग और कहानी लेखन की बारीकियां सीखीं
बिहार संग्रहालय में छह दिवसीय समर कैंप रविवार को समाप्त हुआ। लगभग 300 बच्चों ने टेराकोटा कला, मास्क मेकिंग और कहानी लेखन में प्रशिक्षण लिया। कलाकारों ने बच्चों को नई तकनीकें सिखाईं। समापन समारोह में बच्चों की कलाकृतियों की प्रदर्शनी हुई और उन्हें प्रमाण-पत्र दिए गए। पद्मश्री अशोक कुमार विश्वास ने इसे सराहनीय कार्य बताया।

बिहार संग्रहालय में छह दिवसीय समर कैंप का समापन रविवार को हो गया। कैंप में शहर के अलग-अलग हिस्सों से आए लगभग 300 बच्चों ने टेराकोटा कला, मास्क मेकिंग और कहानी लेखन जैसी विधाओं में विशेष प्रशिक्षण लिया और प्रतिभा का लोहा मनवाया। बच्चों ने रचनात्मकता को नई उड़ान दी। टेराकोटा कार्यशाला में राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित कलाकार पिंटू प्रसाद ने बच्चों को मिट्टी से दीये, मूर्तियां और जीव-जन्तु बनाना सिखाया। कहानी लेखन कार्यशाला में कथाकार डॉ. ध्रुव कुमार ने बच्चों को सृजनात्मक लेखन और लघुकथा की बारीकियां बताईं। इसमें मयूरी ने भी बच्चों का सहयोग किया। मास्क मेकिंग में हेमंत कुमार ने बच्चों को रंग-बिरंगे आकर्षक मास्क बनाने का प्रशिक्षण दिया।
समापन समारोह में बच्चों की बनाई कलाकृतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। मौके पर बिहार संग्रहालय के महानिदेशक अंजनी कुमार सिंह ने कक्षा 9 से 12 के बच्चों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया। कक्षा 5 से 8 के बच्चों को पद्मश्री अशोक कुमार विश्वास, अपर निदेशक अशोक कुमार सिन्हा, डॉ. सुनील कुमार झा, डॉ. रणवीर सिंह राजपूत और कलाकार मनीषा झा ने प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया। पद्मश्री अशोक कुमार विश्वास ने कहा कि बिहार संग्रहालय ने बच्चों में कला के प्रति रुचि पैदा कर सराहनीय कार्य किया है। छात्रा नवनीति शर्मा ने बताया कि इस कार्यशाला से कहानी लेखन में उन्हें बहुत मदद मिली। कार्यक्रम में अपर निदेशक डॉ. सुनील कुमार झा आदि रहे।
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