विधान परिषद के चार सदस्य बने विधायक, नये चेहरों को मिलेगा मौका
18वीं बिहार विधानसभा चुनाव में बिहार विधान परिषद के चार सदस्य चुने गए हैं, जिनमें पूर्व उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय शामिल हैं। नए सदस्यों को विधान परिषद में जगह मिलेगी। इन सदस्यों को विधानसभा में शपथ लेने से पहले परिषद की सदस्यता से इस्तीफा देना होगा।
18वीं बिहार विधानसभा चुनाव में बिहार विधान परिषद के चार सदस्य भी चुने गए हैं। इनमें पूर्व उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय, श्रीभगवान सिंह कुशवाहा और राधाचरण साह शामिल हैं। अब इनकी जगह विधान परिषद में नए चेहरों को मौका मिलेगा। जानकारी के मुताबिक, विधान परिषद के सदस्य और निवर्तमान उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भाजपा के टिकट पर तारापुर विधानसभा सीट से निर्वाचित हुए हैं। श्री भगवान सिंह कुशवाहा जदयू उम्मीदवार के रूप में जगदीशपुर से चुने गए हैं। इन दोनों सदस्यों ने जून 2020 में विधान परिषद की सदस्यता ली थी और इनका कार्यकाल 28 जून 2026 को समाप्त हो रहा है।
इसी तरह, निवर्तमान स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे सीवान से भाजपा के टिकट पर चुने गए हैं। मई 2024 में विधान परिषद के सदस्य बने श्री पांडेय का कार्यकाल मई 2030 में खत्म होने वाला था। यह तीनों सदस्य विधानसभा कोटे से चुने गए थे। इनके अलावा अप्रैल 2022 में स्थानीय प्राधिकार (भोजपुर/बक्सर) कोटे से विप सदस्य चुने गए राधाचरण साह भी संदेश क्षेत्र से जदयू के टिकट पर विधायक बने हैं। विप में उनका कार्यकाल अप्रैल 2028 तक था। दो भाजपा और दो जदयू कोटे से चुने गए इन सदस्यों की जगह एनडीए नए सदस्य चुने जा सकते हैं। जानकारों के मुताबिक, विधान परिषद के इन सदस्यों को विधानसभा में शपथ ग्रहण से पहले परिषद की सदस्यता से इस्तीफा देना होगा। इस्तीफा नहीं देने की स्थिति में विधानसभा में शपथ लेते ही उनकी विधान परिषद की सदस्यता स्वत: ही समाप्त हो जाएगी। पद रिक्त होने पर भारत निर्वाचन आयोग को छह माह के अंदर इन पदों के लिए चुनाव कराना होगा।

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