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कर्मचारी संपत्ति का ब्योरा देने से चूके तो कार्रवाई होगी

कर्मचारी संपत्ति का ब्योरा देने से चूके तो कार्रवाई होगी

संक्षेप:

बिहार सरकार ने कर्मचारियों के लिए संपत्ति का ब्योरा देना अनिवार्य किया है। अगर कोई कर्मचारी 28 फरवरी तक संपत्ति का ब्योरा नहीं देता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, जिसमें वेतन रोकने और चार्जशीट दायर करना शामिल है। यह आदेश 8 लाख से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों पर लागू होगा।

Dec 13, 2025 09:29 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, पटना
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बिहार सरकार के कर्मचारियों की ओर से संपत्ति का ब्योरा नहीं देने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उनके की ओर से घोषित की गयी संपत्ति के अलावा छिपाए जाने वाली संपत्तियों पर भी सरकारी एजेंसियों की नजर रहेगी। सरकारी जांच एजेंसियों की नजर अब हर कर्मचारी की ओर से उनकी संपत्ति के बढ़े या स्वघोषित दावे तक ही सीमित नहीं रहेगी, संपत्ति के मूल्यांकन को कम बताने या किसी संपत्ति को नहीं दिखाने की शक पर जांच एजेंसियां उस कर्मचारी या अधिकारी को रडार पर ले सकती है। ऐसी स्थिति में अधिकारियों और कर्मचारियों की ओर से 31 दिसंबर तक की संपत्ति का दिया गया ब्योरा ईओयू की जांच का आधार भी भी बन सकता है।

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सामान्य प्रशासन विभाग ने अधिकारियों और कर्मचारियों की संपत्ति को लेकर जांच एजेंसियों की तैयारी के अलावा सख्त रूप अपना लिया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने 15 फरवरी तक संपत्ति का ब्योरा नहीं देने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों का वेतन रोक देने की चेतावनी दी है। बिहार सरकार के 8 लाख से अधिक अफसर और कर्मचारी इसके दायरे में आएंगे। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से कहा गया है कि आने वाले 28 फरवरी तक प्राप्त चल और अचल संपत्तियों तथा दायित्वों का विवरण ही सरकार की ओर से दर्ज किया जाएगा। इसे संबंधित विभागों की वेबसाइट पर 31 मार्च कर सार्वजनिक कर दिया जाएगा। सभी दफ्तरों में वेतन निकासी की मंजूरी देने वाले अधिकारियों को फरवरी खत्म होते ही नियंत्री विभागों को भेज देने का निर्देश दिया गया है। इस आशय का पत्र सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से सभी विभागों को भेजा गया है। संपत्ति का ब्योरा देने से चूके तो दायर होगी चार्जशीट : संपत्ति का ब्योरा 28 फरवरी तक देने से चूके अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से 27 अगस्त 2021 को जारी अधिसूचना के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत वेतन रोके जाने के बाद संबंधित व्यक्ति को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। इसके बाद भी संपत्ति का ब्योरा नहीं देने या नोटिस का जवाब नहीं देने पर कर्मचारी के खिलाफ चार्जशीट तैयार की जाएगी। उस चार्जशीट के आधार पर विभागीय कार्यवाही शुरू कर कर्मचारी को दंडित किया जाएगा।