मुख्यमंत्री फेलोशिप के लिए देशभर से 121 बिहारी प्रोफेशनल्स चुने जाएंगे
बिहार सरकार ने युवा विषय-विशेषज्ञों को नीति निर्धारण में शामिल करने के लिए मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना शुरू की है। 121 बिहारी प्रोफेशनल्स को चुना जाएगा, जिन्हें 80,000 से 1.50 लाख रुपये तक का मासिक मानदेय मिलेगा। सफलतापूर्वक फेलोशिप पूर्ण करने पर प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा।

बिहार मूल के प्रतिभाशाली युवा विषय-विशेषज्ञों को राज्य सरकार की नीति निर्धारण और कार्यान्वयन प्रक्रिया से जोड़ा जाएगा। इसको लेकर बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी ने आईआईएम बोधगया के सहयोग से मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना शुरू की है। इसके तहत 121 बिहारी युवा प्रोफेशनल्स को उनकी योग्यता और अनुभव के आधार पर चुना जाएगा। इनको दो साल तक प्रतिमाह 80 हजार से 1.50 लाख रुपये तक का निश्चित मासिक मानदेय मिलेगा। यह फेलोज सरकारी नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्प्रेरक के रूप में कार्य करेंगे, जिससे बिहार के विकास को नई ऊर्जा और गति प्राप्त होगी। मंगलवार को आईआईएम बोधगया की निदेशक डॉ. विनीता सिंह सहाय और बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी के प्रशासनिक पदाधिकारी राशीद कलीम अंसारी ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत चुने गये फेलोज को राज्य के सभी नगर निगम, जिला समाहरणालय, प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय, सचिवालय के विभिन्न विभाग, विकास आयुक्त कार्यालय, मुख्य सचिव कार्यालय, उपमुख्यमंत्री कार्यालय तथा मुख्यमंत्री सचिवालय जैसे प्रमुख प्रशासनिक कार्यालयों में संबद्ध किया जाएगा। फेलोशिप की अवधि सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर आईआईएम बोधगया द्वारा लोक नीति एवं सुशासन में पोस्ट ग्रेजुएट का प्रमाण-पत्र और बिहार सरकार द्वारा अनुभव प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। इच्छुक प्रोफेशनल्स तीसरे चरण के लिए 15 जरवरी तक, जबकि चौथे चरण के लिए 31 जनवरी 2026 तक आईआईएम बोधगया की आधिकारिक वेबसाइट https://iimbg.ac.in/cmfs/ पर आवेदन कर सकेंगे। मौके पर सोसाइटी के ओएसडी सतीश रंजन सिन्हा व आईआईएम बोधगया की एसोसिएट प्रोफेसर अर्चना पात्रो उपस्थित रहीं।
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