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पटना

सड़क दुर्घटना में मौत पर बिहार में मिला पांच लाख का पहला मुआवजा

हिन्दुस्तान टीम,पटनाPublished By: Newswrap
Mon, 11 Oct 2021 07:30 PM
सड़क दुर्घटना में मौत पर बिहार में मिला पांच लाख का पहला मुआवजा

सड़क दुर्घटना में घायल पीड़ित व्यक्ति एवं मृतक के आश्रित को नए नियम के तहत मुआवजा देने वाला पहला जिला खगड़िया बन गया है। सोमवार को खगड़िया के जिलाधिकारी आलोक रंजन घोष ने दुर्घटना के मृतक के आश्रित को 5 लाख का चेक प्रदान किया। मृतक के आश्रित को त्वरित मुआवजा का भुगतान हो सके, इसके लिए परिवहन विभाग ने नियमावली में संशोधन किया है जो 15 सिंतबर से प्रभावी है। इसके पहले आपदा प्रबंधन के माध्यम से एक से अधिक के मौत या घायल होने पर चार लाख मिलते थे।

परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने कहा कि नए नियम के बाद अब लोगों को मुआवजा मिलने में देरी नहीं होगी। साथ ही सड़क दुर्घटना में एक व्यक्ति की भी मृत्यु होने पर मुआवजा दिया जाएगा। 15 सितंबर से राज्य में हुई सड़क दुर्घटना के फलस्वरूप गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को 50 हजार तो मौत होने पर मृतक के आश्रित को 5 लाख रुपए बिहार वाहन दुर्घटना सहायता निधि (रिवॉल्विंग फंड) से देने का प्रावधान तय किया गया है।

खगड़िया हादसे पर कहा कि 24 सितंबर को खगड़िया एनएच-31 पर हुई सड़क दुर्घटना में मणिकांत कुमार नामक शख्स घायल हो गए थे, जिनकी मौत 29 सितंबर को इलाज के दौरान हो गई थी। मृतक के परिजनों ने कहा कि बिना किसी भागदौड़ के प्रशासन की पहल से पांच लाख का मुआवजा मिला है। मृतक के आश्रित को ससमय मुआवजा मिल सके, इसके लिए जिला परिवहन कार्यालय के पदाधिकारी एवं जिला प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से पहल करते हुए आवेदन प्राप्त किया गया था। परिवहन सचिव ने कहा कि बीमा रहित वाहनों से दुर्घटना की स्थिति में संबंधित वाहन मालिक द्वारा मुआवजा राशि की प्रतिपूर्ति की जाएगी। वाहन मालिक द्वारा भुगतान नहीं किए जाने की स्थिति में वाहन जब्त कर नीलामी की कार्रवाई की जाएगी। वहीं बीमित वाहन से दुर्घटना की स्थिति में संबंधित बीमा कंपनी द्वारा मुआवजा राशि की प्रतिपूर्ति की जाएगी।

मुआवजा लेने के लिए यह करना होगा

सड़क दुर्घटना की सूचना स्थानीय थाने को अवश्य दें एवं एफआईआर दर्ज करें। मृत्यु की स्थिति में पोस्टमार्टम प्रतिवेदन अस्पताल से प्राप्त करें। गंभीर रूप से घायल की स्थिति में स्थानीय सरकारी अस्पताल से इन्जूरी रिपोर्ट प्राप्त करें। स्थानीय जिला परिवहन पदाधिकारी से संपर्क कर आवेदन जमा करें। ऑनलाइन आवेदन करने की भी सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है। अगर पता हो तो गाड़ी का नंबर एफआईआर में अवश्य दर्ज करें।

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