हर साल 20% विद्यालयों का सामाजिक अंकेक्षण होगा
राज्य में हर साल 20% स्कूलों का सामाजिक अंकेक्षण किया जाएगा। यह पहल विद्यालयों की कमियों का पता लगाने और सुधारने में मदद करेगी। बीईपीसी और एनसीईआरटी ने मास्टर ट्रेनर्स के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण का...

राज्य में हर साल में 20% स्कूलों का सामाजिक अंकेक्षण होगा। इसकी मदद से विद्यालयों की आधारभूत संरचना, प्रशासनिक, शैक्षणिक कमियों और खामियों का पता लगाया जाएगा, ताकि उन्हें सुधारा जा सके। अगले पांच वर्षों में 100% विद्यालयों में यह पूरा किया जाना है। इसी कड़ी में बिहार शिक्षा परियोजना परिषद (बीईपीसी) और एनसीईआरटी की संयुक्त पहल मंगलवार से पटना के एक होटल में मास्टर ट्रेनर्स का दो दिवसीय प्रशिक्षण शुरू हुआ। इसका उद्घाटन बीईपीसी के राज्य परियोजना निदेशक मयंक वरवड़े, एनसीईआरटी के प्रो. शरद सिन्हा और राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी समग्र शिक्षा सोशल ऑडिट के नोडल अधिकारी डॉ. उदय कुमार उज्ज्वल ने किया।
इस प्रशिक्षण में कुल 80 प्रतिभागी शामिल हैं। एनसीईआरटी की ओर से इस प्रशिक्षण को लेकर मॉड्यूल और टूल्स तैयार किए गए हैं, जिसके आधार पर ही विद्यालयों का अंकक्षेण किया जााएगा। पहले दिन समग्र शिक्षा, सामाजिक अंकेक्षण: क्या, क्यों और कैसे पर प्रशिक्षण दिया गया। इसकी शुरुआत सहायक प्रो. जितेन्द्र के पाटिदार ने की। इसके बाद एनसीईआरटी के ही अधिकारियों ने अन्य दो मॉड्यूल सामाजिक अंकेक्षण: क्या, क्यों और कैसे, सामाजिक अंकेक्षण डेटा संग्रहण उपकरण और रिपोर्टिंग के बारे में बताया। मौके पर प्रो. विजयन के, सोशल ऑडिट सोसाइटी के निदेशक विनय ओहदार, डॉ. ददन राम मौजूद रहे। दूसरे दिन मास्टर ट्रेनर्स को टूल्स के बारे में बताया जाएगा। प्रति वर्ष 20% विद्यालयों का सामाजिक अंकेक्षण कर अगले 5 वर्षों में शत-प्रतिशत ऑडिट पूरा करना है। इसके निष्कर्षों से शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने में मदद मिलेगी। डॉ. उज्ज्वल ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
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