
जमीन विवाद रोकने को गलत कागजात पर सख्ती हो : उपमुख्यमंत्री
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने विभागीय कार्यों की समीक्षा की और जमीन विवादों को रोकने के लिए सख्ती बरतने की बात कही। उन्होंने गलत कागजात तैयार करने वाले माफिया पर चिंता जताई। नए कानून बनाने और ई-मापी की निगरानी बढ़ाने की योजना बनाई गई। रजिस्ट्री के 90 दिनों के भीतर दाखिल-खारिज का आवेदन करने पर जोर दिया गया।
उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने लगातार तीसरे दिन गुरुवार को अपने कार्यालय कक्ष में विभागीय कार्यों की गहन समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि जमीन विवाद रोकने के लिए गलत कागजात पर सख्ती की जाएगी। बैठक में उपमुख्यमंत्री नेराज्य में बढ़ते भूमि विवाद और गलत कागजात तैयार करने वाले माफिया तत्वों पर चिंता व्यक्त की और कहा कि ऐसे तत्व आम जनता को न्यायालय तक परेशान करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की शिकायत मिलते ही उच्चस्तरीय टीम बनाकर जांच कराई जाएगी तथा दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि आवश्यक हुआ, तो केंद्र सरकार के सहयोग से ऐसे मामलों को रोकने के लिए नया कानून भी बनाया जाएगा।
ई-मापी से संबंधित बढ़ती शिकायतों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसकी सख्त निगरानी कराई जाए ताकि रैयतों को जमीन मापी में आसानी हो और अमीनों की मनमानी रुके। उन्होंने सभी अंचलों के अमीनों के कार्यों का आकलन कर रिपोर्ट देने को कहा। साथ ही उन्होंने बताया कि अब ई-मापी रिपोर्ट के लिए विभाग निर्धारित परफॉर्मा अनिवार्य कर रहा है। राज्य में जमीन के पुराने कागजात कैथी लिपि में होने से नागरिकों को हो रही दिक्कतों को दूर करने के लिए उपमुख्यमंत्री ने जिलावार कैथी लिपि विशेषज्ञों का पैनल बनाने और उनकी सूची अंचल कार्यालयों में लगाने का निर्देश दिया। इसके साथ ही इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर भी जोर दिया। बैठक में उन्होंने बिहार भूमि पोर्टल के उपयोगकर्ताओं की संख्या बढ़ाने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने को कहा। रजिस्ट्री के 90 दिनों के अंदर दाखिल-खारिज के लिए आवेदन करें आमजनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उपमुख्यमंत्री ने सभी रजिस्ट्री कार्यालयों में यह सूचना प्रसारित करने को कहा कि रजिस्ट्री के 90 दिनों के भीतर दाखिल–खारिज के लिए आवेदन अवश्य करें, ताकि कार्य नियमानुकूल समय पर करवा सकें। बैठक में विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल के अलावा सचिव जय सिंह और गोपाल मीणा, विशेष सचिव अरुण कुमार सिंह, चकबंदी निदेशालय के निदेशक श्री राकेश कुमार, भू अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय की निदेशक जे प्रियदर्शिनी, भू अर्जन निदेशालय के निदेशक कमलेश कुमार सिंह, अपर सचिव डॉ महेंद्र पॉल, सहायक निदेशक आजीव वत्सराज, मोना झा, ओएसडी मणिभूषण किशोर, सुधा कुमारी, सोनी कुमारी, अनुपम प्रकाश आदि मौजूद थे।

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