
ढाई दशक में बिहार में 60 हजार किमी ग्रामीण सड़कों का निर्माण हुआ
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बिहार में पिछले 25 वर्षों में 60 हजार किमी ग्रामीण सड़कों का निर्माण हुआ है। 31,280 बसावटों को बारहमासी सड़कों से जोड़ा गया है। 2005 से 2020 के बीच बिहार में 51,489 किमी सड़कों का निर्माण किया गया। योजना की 25वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है, जिसमें बिहार को पुरस्कार भी मिले हैं।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बीते ढाई दशकों में बिहार में 60 हजार किमी ग्रामीण सड़कों का निर्माण हुआ है। 1584 पुलों का भी निर्माण हुआ है। पिछले 25 वर्षों में बिहार के 31,280 वैसे बसावटों को बारहमासी सड़कों की संपर्कता प्रदान की गई है, जहां की आबादी 500 से अधिक है। ग्रामीण कार्य विभाग के अनुसार वर्ष 2000 से 2005 में बिहार की कुल 723 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों का निर्माण किया गया था। जबकि वर्ष 2005 के बाद इस योजना ने बिहार में रफ़्तार पकड़ी और वर्ष 2005 से 2010 के बीच बिहार के वैसे ग्रामीण बसावटों को जिसकी आबादी एक हजार से अधिक थी, उन्हें बारहमासी सड़कों से जोड़ने का काम एक अभियान के रूप में चलाया गया।
इस दौरान कुल 8,271 किमी ग्रामीण सड़कों का निर्माण किया गया। वर्ष 2010 से 2015 के दौरान राज्यभर में पीएमजीएसवाई से कुल 32,625 किमी सड़कों का निर्माण किया गया। वर्ष 2015 से 2020 के बीच राज्य में 51,489 किमी ग्रामीण सड़कों का निर्माण पूरा कर लिया गया था। जबकि वर्ष 2020 से लेकर 2025 के नवंबर माह तक कुल 60,474 किमी ग्रामीण सड़कों का निर्माण पूरा किया जा चुका है। पीएमजीएसवाई के तहत 30,446 सुविधा केंद्रों, जिनमें 6,331 कृषि मंडियां, 7,741 शैक्षणिक संस्थान, 3,433 स्वास्थ्य केंद्र और 12,941 परिवहन केंद्रों को बारहमासी सड़कों से जोड़ा जा चुका है। इस महीने इस योजना की 25वीं वर्षगांठ केंद्र तथा राज्य सरकार मिलकर पूरे देश में समारोह के रूप में मना रही है। इस अवसर पर योजना की सफलता, उपलब्धियों और व्यापक प्रभाव पर एक विस्तृत राष्ट्रीय रिपोर्ट भी जारी की जा रही है। बिहार ने इस योजना में राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार जीते हैं। खासकर सड़कों की सर्वाधिक लंबाई का निर्माण, सर्वाधिक बस्तियों को जोड़ने और नई तकनीक अपनाने के लिए बिहार को देशभर में प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार प्राप्त हुए हैं।

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