ह्दय रोग के इलाज पर दो दिवसीय संगोष्ठी कल से
बीआईसी 2026 संगोष्ठी 13 और 14 जून को होगी, जिसमें 500 चिकित्सक भाग लेंगे। कार्डियोलॉजिकल सोसायटी ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में ह्दय रोग के जटिल उपचार के लिए इंटरवेंशन विधि पर चर्चा की जाएगी। दो दिनों की संगोष्ठी में असामान्य तकनीकों और कैथ लैब प्रक्रिया की जानकारी साझा की जाएगी।

ह्दय रोग के इलाज में नवाचार पर दो दिवसीय बीआईसी 2026 संगोष्ठी का आयोजन 13 और 14 जून को होगा। इसमें बिहार के अलावा देश-विदेश से पांच सौ चिकित्सक भाग लेंगे। आयोजन कार्डियोलॉजिकल सोसायटी ऑफ इंडिया बिहार चैप्टर कर रहा है। गुरुवार को इसकी जानकारी आयोजन समिति के सचिव डॉ. शमशाद आलम ने दी। उन्होंने बताया कि ह्दय रोग में जटिल बीमारी के इलाज में इंटरवेंशन विधि आधुनिक तरीका है। संगोष्ठी में विश्व स्तर पर इंटरवेंशन विधि से इलाज पर नवीनतम तकनीक की जानकारी साझा की जाएगी। बीआईसी 2026 के साइंटिफिक चेयरमैन डॉ. शाहीन अहमद ने बताया कि दो दिनों की संगोष्ठी में कैथ लैब में कार्यप्रणाली पर चर्चा की जाएगी।
आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि बिहार में नवीनतम तकनीक से ह्दय का इलाज हो रहा है। राज्य भर में 40 कैथलैब सेंटर काम कर रही है, जहां पर एंजियोप्लास्टी किया जाता है। संगोष्ठी में दिल के छेद पर काम कर रहे कोच्चि से डॉ. कृष्ण कुमार कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि रहेंगे। मुख्य अतिथि के तौर पर डॉ. एसएस चटर्जी रहेंगे। मौके पर एम्स पटना के कार्डियक सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष और सोसाइटी के बिहार चैप्टर के अध्यक्ष डॉ. संजीव कुमार ने बताया कि हार्ट ब्लॉकेज के 85 फीसदी रोग अब इंटरवेंशन से ठीक हो रहे हैं। संवाददाता सम्मेलन में डॉ. बीबी भारती, डॉ. वीपी सिन्हा, डॉ. आशीष, डॉ. उपेंद्र नारायण सिंह आदि मौजूद थे।
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