एकेयू के इसी सत्र में दो वर्षीय पूर्णकालिक एमबीए कोर्स शुरू होगा
आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय, पटना में 2026-27 शैक्षणिक सत्र के लिए दो वर्षीय पूर्णकालिक एमबीए कोर्स शुरू होगा। इसमें फाइनेंस, मार्केटिंग और ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट जैसे विषय शामिल हैं। छात्रों को 45% अंकों के साथ विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं से प्रवेश मिलेगा। इससे बिहार के युवाओं को बेहतर अवसर मिलेंगे।

आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय, पटना में 2026-27 शैक्षणिक सत्र के लिए दो वर्षीय पूर्णकालिक एमबीए कोर्स शुरू किया जाएगा। जिसमें फाइनेंस, मार्केटिंग और ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट जैसे विषय शामिल होंगे। स्नातक में कम से कम 45% अंकों के साथ-साथ कैट, मैट, जैट, सीमैट और ईरमा जैसी प्रवेश परीक्षाओं के माध्यम से प्रवेश मिलेगा। कुल 60 सीटों पर नामांकन होगा। कुलपति प्रो. शरद कुमार यादव ने बताया कि नए कोर्स शुरू होने से छात्रों को अपने राज्य में ही इन क्षेत्रों में आधुनिक और जॉब-ओरिएंटेड शिक्षा मिलेगी, जिससे उन्हें कॅरियर बनाने के लिए राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। छात्रों को कम फीस में बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
इससे बिहार के युवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर अवसरों के लिए तैयार किया जा सकेगा। एकेयू प्रशासन ने बताया कुलपति के आने के बाद विवि ने कई उपलब्धियां हासिल किया है। हाल ही में कई नए कोर्सों की शुरुआत की गई हैं। इसके साथ कई विश्वविद्यालयों का साथ एमओयू किया गया है। एकेयू में बनेगी राष्ट्रीय स्तर के स्टेम सेल व एस्ट्रोनॉमी लैब : एकेयू में पटना में स्टेम सेल टेक्नोलॉजी और एस्ट्रोनॉमी स्कूल में पढ़ाई और शोध को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय स्तर की प्रयोगशाला का निर्माण होगा। इसके साथ ही विवि में ऑडिटोरियम और छात्रावास निर्माण किया जाएगा। कुलपति ने कहा कि एकेयू में ज्ञान-सृजन और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है और आने वाले वर्षों में इसे राष्ट्रीय स्तर पर शोध केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। हाल ही में तीन नए कोर्स शुरू किए गए : एकेयू में सत्र 2025-26 से तीन नए कोर्स शुरू किए गए हैं, जिसमें एमए फिलॉसफी, एमएस स्टेम सेल बायोलॉजी एंड रीजेनरेटिव मेडिसिन, और एमएससी स्पेस साइंस एंड एस्ट्रोनॉमी शामिल है। इस पहल का उद्देश्य अकादमिक प्रस्तावों को समृद्ध करना और खगोल विज्ञान के क्षेत्र में बढ़ती रुचि का जवाब देना है। छात्रों की संख्या के आधार पर विभिन्न पाठ्यक्रमों में सीटों की वृद्धि की आवश्यकता और उसके संभावित प्रभाव पर विचार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पूर्व से विश्वविद्यालय में स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन, पाटिलपुत्र स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स, सेंटर फॉर रीवर स्टडीज और सेंटर फॉर ज्योग्राफिकल स्टडीज में पढ़ाई चल रही हैं।
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