राज्यसभा में राजद उम्मीदवार को समर्थन पर निर्णय ओवैसी लेंगे
राजद उम्मीदवार को समर्थन देने पर एआईएमआईएम सुप्रीमो असदुद्दीन ओवैसी अंतिम निर्णय लेंगे। तेजस्वी यादव के साथ एक मुलाकात के बाद समर्थन पर कोई फैसला नहीं हो सका, लेकिन बातचीत सकारात्मक रही। दोनों दलों के बीच गतिरोध खत्म होता दिख रहा है, जिससे राजद को चुनाव में लाभ मिल सकता है।

राज्यसभा चुनाव में राजद उम्मीदवार को समर्थन देने पर अंतिम निर्णय एआईएमआईएम सुप्रीमो असदुद्दीन ओवैसी लेंगे। राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव के साथ बुधवार को एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरूल ईमान की एक घंटे तक चली मुलाकात के बाद भी समर्थन के मुद्दे पर कोई फैसला नहीं हो सका। हालांकि ईमान ने कहा कि बातचीत काफी सकारात्मक रही। हमने कई मुद्दों पर विस्तार से बात की। मगर फैसला केन्द्रीय नेतृत्व ही करेगा। इसके पहले अख्तरूल ईमान बुधवार को तेजस्वी यादव के आमंत्रण पर उनके सरकारी आवास एक पोलो रोड पहुंचे। इस दौरान तेजस्वी यादव ने उनके राज्यसभा चुनाव के लिए उनका समर्थन मांगा।
मुलाकात के बाद अख्तरूल ईमान ने कहा कि तेजस्वी जी ने मुलाकात की ख्वाहिश जारी की थी, इसलिए मिलने आए हैं। वहीं, तेजस्वी यादव ने भी मुलाकात को सकारात्मक बताया है। उन्होंने कहा कि 15 मार्च को इफ्तार का न्योता मिला है। न्योता स्वीकार है और हम चुनाव भी जीतेंगे। तेजस्वी ने मीडिया के सामने स्वीकार किया कि एआईएमआईएम के नेताओं के साथ उनकी विस्तार से चर्चा हुई है। हालांकि, उन्होंने बातचीत के मुख्य एजेंडे को पॉलिटिकल बताया। लेकिन यह साफ कर दिया कि दोनों पक्षों के बीच संवाद का रास्ता अब खुल चुका है।इस मुलाकात के बाद दोनों दलों के बीच जारी गतिरोध भी खत्म होता दिखा। पिछले विधानसभा चुनाव के समय से ही दोनों दलों के बीच रिश्ते तल्ख थे। राजद ने एआईआमआईएम के महागठबंधन में शामिल होने की मांग पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी। राज्यसभा चुनाव को लेकर मंगलवार को हुई महागठबंधन की बैठक में भी एआईएमआईएम का कोई प्रतिनिधि शामिल नहीं हुआ था।एआईएमआईएम ने पहले खुद के लिए मांगा था समर्थनराज्यसभा चुनाव के नामांकन और रणनीतियों के बीच इस मुलाकात को बेहद अहम माना जा रहा है। हालांकि बजट सत्र के दौरान अख्तरुल ईमान ने समर्थन के सवाल पर इनकार किया था। उन्होंने कहा था कि हम चाहते हैं कि उच्च सदन में हमारा कोई आदमी नहीं है, इसलिए वे (तेजस्वी) हमारी मदद करें।एआईआमआईएम के बाद क्यायदि एआईआमआईएम राज्यसभा चुनाव में राजद उम्मीदवार को समर्थन का फैसला करता है तो फिर उसकी राह काफी आसान हो जाएगी। इस समर्थन के बाद राजद के पास 40 विधायकों का समर्थन हो जाएगा। यह जीत के जादुई आंकड़े 41 से महज एक कम होगा। महागठबंधन के पास 35 जबकि एआईआमआईएम के पास पांच विधायक हैं। इस प्रकार राजद को केवल बसपा के एकमात्र विधायक का समर्थन लेना होगा।
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