After seventeen days, the murderers of the councilor are out of grip - सत्तरह दिनों बाद भी पार्षद के हत्यारे पुलिस पकड़ से बाहर DA Image
15 नबम्बर, 2019|3:18|IST

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सत्तरह दिनों बाद भी पार्षद के हत्यारे पुलिस पकड़ से बाहर

बीस दिनों बाद भी राजद कार्यकर्ता सह पार्षद केदार राय के हत्यारों का सुराग लगाने में पुलिस को सफलता नहीं मिली है। पार्षद की हत्या बाइक सवार किन तीन शूटरों ने किया। अब तक पहेली बनी हुई है। हत्यारों ने जिस तरह घटना को अंजाम दिया। उससे साफ है कि तीन हत्यारों में एक स्थानीय रहा होगा। कारण कि एक अपराधी ने घटना को अंजाम देने से पहले पार्षद को प्रणाम किया था। पुलिस की सुस्त पड़ताल के कारण पीड़ित परिवार में नाराजगी है। घटना के दिन पुलिस ने चार नामजद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। करीब एक दर्जन से अधिक लोगों को संदेह के आधार पर हिरासत में लेकर पूछताछ भी की। फिर भी हत्यारों का सुराग लगाने में नाकाम है। इस मामले में मृतक के बड़े भाई पारस राय ने 21 लोगों को नामजद करते हुए हत्या का मामला दर्ज कराया था। जमीनी व चुनावी विवाद की आशंका जतायी थी पारस राय ने घटना के पीछे जमीनी और चुनावी विवाद होने की आशंका जताई थी। लेकिन पुलिस चार नामजदों को गिरफ्तार करने के बाद सुस्त पड़ गई है। जबकि घटना के बाद अपराधियों का सुराग लगाने के लिए पुलिस ने सगुना मोड़ से लेकर बेली रोड किनारे दुकानों एवं अपार्टमेंटों में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज और अपराधियों के मोबाइल कॉल के डिटेल को भी निकाला। बता दें कि 9 अगस्त को नया टोला में पार्षद केदार राय को अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।

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  • Web Title:After seventeen days, the murderers of the councilor are out of grip

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