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बिहार में 71 लाख स्वायल हेल्थ कार्ड बने

बिहार में 71 लाख स्वायल हेल्थ कार्ड बने

केन्द्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने कहा कि राज्य में कृषि पर जनसंख्या का भारी दबाव है। ऐसे में केन्द्र सरकार ने किसानों की आमदनी दुगुनी करने के लिए कई उपाय किए हैं। खेती की लागत कम करने के उद्देश्य से स्वायल हेल्थ कार्ड योजना शुरू की गई है। राज्य के 71 लाख किसानों ने इस योजना का लाभ लिया है। राज्य में दलहन के दस बीज हब भी स्थापित किए गए हैं। आईसीएआर के पटना परिसर में किसान संगोष्ठी को संबोधित करते हुए गुरुवार को श्री सिंह ने कहा कि देशभर में दस करोड़ किसानों का स्वायल हेल्थ कार्ड बना है। इससे संतुलित मात्रा में खाद का उपयोग किया जा सकेगा। मिट्टी सेहतमंद रहेगी तो खेती की लगात कम होगी। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार किसानों को तकनीकी ज्ञान देती है। साथ ही उनके हित की योजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए राज्य सरकार को पैसा देती है। आईसीएआर ने समेकित कृषि पर गहन शोध के लिए मोतिहारी में शोध संस्थान की स्थापना की है। वहां छह वैज्ञानिकों की तैनाती की गई है। पटना, पूसा, सबौर, मधेपुरा, कैमूर और बक्सर में खेती का नया मॉडल बनाया गया है। साथ ही राज्य के 1450 किसानों ने नई प्रणाली को अपनाया है। इससे उनकी आमदनी बढ़ी है। एक हेक्टेयर में ढाई लाख तक की आमदनी हुई है। उन्होंने कहा कि आज की मांग है कि किसान प्रोसेसिंग और वैकल्पिक खेती की ओर ध्यान दें। राज्य में अब तक 1315 कृषि क्लीनिक और कृषि बिजनेस केन्द्र स्थापित किए गए हैं। इनके माध्यम से किसानों को उन्नत खेती की जानकारी दी जा रही है। इसके अलावा कृषि विज्ञान केन्द्रों में रोजगार पैदा करने को कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहे हैं। मौके पर आईसीएआर और नाबार्ड के अधिकारियों ने गांवों से आये किसानों को फील्ड का भ्रमण कराया।

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  • Web Title: 71 lakh soil health card made in Bihar
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