
समस्या के समाधान को दिया मॉडल का रूप, दिखाई नवाचारी प्रतिभा
महेंद्रू में 53वीं राज्य स्तरीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी का उद्घाटन हुआ। 70 चयनित बाल वैज्ञानिक अपने नवाचारों को प्रदर्शित कर रहे हैं। संगोष्ठी में प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने पर चर्चा की गई। प्रदर्शनी का मुख्य विषय विकसित और आत्मनिर्भर भारत के लिए STEM है।
राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद महेंद्रू में सोमवार को दो दिवसीय 53वीं राज्य स्तरीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी का उद्घाटन हुआ। प्रदर्शनी में राज्यभर से कुल 70 चयनित बाल वैज्ञानिक अपने नवाचार को प्रदर्शित कर रहे हैं। प्रदर्शनी में बच्चे विभिन्न समस्याओं को मॉडल का रूप देकर प्रदार्शित कर रहे हैं। इसमें उनकी नवाचारी प्रतिभा देखने को मिली। बतौर मुख्य अतिथि एनसीईआरटी के डॉ. ऋषिकेश कुमार, संयुक्त निदेशक (प्रशासन) सुषमा कुमारी, संयुक्त निदेशक (डायट) समर बहादुर सिंह, विभागाध्यक्ष विज्ञान एवं गणित शिक्षा विभाग डॉ. स्नेहाशीष दास, अध्यक्ष सायंस फॉर सोसायटी डॉ. अरूण कुमार ने उद्घाटन हुआ। प्रदर्शनी के साथ ‘प्लास्टिक प्रदूषण को कम करना’ विषय पर संगोष्ठी का भी आयोजन किया गया।
इसमें मुख्य वक्ता के रूप में बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वैज्ञानिक डॉ. नवीन कुमार ने बाल वैज्ञानिक व मार्गदर्शक शिक्षकों के बीच राय रखी। प्रदर्शनी का मुख्य विषय विकसित और आत्मनिर्भर भारत के लिए स्टेम है, जिसके अन्तर्गत कुल सात उप विषय सतत कृषि, अपशिष्ट प्रबंधन और प्लास्टिक के विकल्प, हरित ऊर्जा, उभरती प्रौद्योगिकियां, मनोरंजन, गणितीय मॉडलिंग, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, जल संरक्षण एवं प्रबंधन में प्रतिभागी बाल वैज्ञानिक शिक्षक के मार्गदर्शन में अपने नवाचारी प्रदर्श लेकर आए हैं। कार्यक्रम के दौरान समन्वयक-सह-व्याख्याता डॉ. प्रमोद शंकर, व्याख्याता डॉ. प्रवीण कुमार, डॉ. आरसीपी राय और निर्णायक मंडली के सदस्यगण मौजूद रहे।

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