
निवेश प्रस्ताव के साथ मुख्य सचिव से 32 उद्यमी मिले
32 निवेशकों ने बिहार में उद्योग स्थापित करने के लिए मुख्य सचिव से मुलाकात की। प्रस्तावों में इलेक्ट्रिक बस फैक्ट्री, रोबोटिक्स सर्जरी, और अन्य उद्योग शामिल हैं। उन्होंने सरकार से सहयोग की मांग की और कहा कि बिहार में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए उद्योगों की संख्या बढ़ानी होगी।
निवेश का प्रस्ताव लेकर देशभर के 32 निवेशकों ने मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत से मुलाकात की। इसमें राज्य में इलेक्ट्रिक बस की फैक्ट्री लगाने के साथ रोबोटिक्स सर्जरी में सहयोग समेत कई बड़े उद्योग लगाने का प्रस्ताव मिला है। उद्योग वार्ता के तहत उन्होंने बिहार में उद्योग स्थापित करने की अपनी इच्छा जाहिर की। निवेशकों ने सरकार से आयात-निर्यात प्रक्रियाओं में भी सहयोग की मांग की। बैठक गुरुवार को पटना एयरपोर्ट के समीप स्थित वायुयान संगठन निदेशालय में हुई। मुख्य सचिव की पहल पर शुरू की गई उद्योग वार्ता में बिहार को आधा दर्जन से अधिक सेक्टर में निवेश के प्रस्ताव मिले।
उद्योग वार्ता का यह दूसरा दिन विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहा, क्योंकि इसमें बिहारी निवेशकों की संख्या अधिक थी, जिनका मुख्य उद्देश्य अपने गृह राज्य के विकास में योगदान देना, पलायन की समस्या को दूर करना और बिहार वापसी को संभव बनाना था। इन उद्यमियों का मानना है कि बिहार में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है और यदि उद्योगों की संख्या बढ़ती है तो युवाओं के लिए रोजगार के व्यापक अवसर सृजित होंगे। मुख्य सचिव ने निवेशकों को आश्वासन दिया कि उद्योग वार्ता राज्य सरकार को अच्छे और गंभीर निवेशकों के साथ सीधे काम करने का अवसर प्रदान करेगी और सरकार से उन्हें हर संभव सहायता मिलेगी। बिहार के समग्र विकास के लिए राज्य सरकार कई योजनाएं संचालित कर रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि निवेश को बढ़ावा देने के लिए किसी भी प्रकार की नई नीति लानी पड़ेगी या पुरानी नीतियों में संशोधन की आवश्यकता होगी, तो राज्य सरकार बिना किसी विलंब के वह करेगी। बैठक में उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार, निदेशक मुकुल कुमार गुप्ता, ऊर्जा विभाग के सचिव मनोज कुमार सिंह व ईखायुक्त अनिल कुमार झा भी उपस्थित थे। समस्याओं के समाधान का आश्वासन जिन निवेशकों को जमीन की आवश्यकता थी या अन्य दिक्कतें आ रही थीं, उनके मामलों को मुख्य सचिव ने गंभीरता से सुना और तत्काल संबंधित विभागों को कार्यवाही के लिए निर्देश दिये। अन्य मामलों में आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा है। राज्य सरकार ने बिहार में निवेश करने के इच्छुक या उद्योग स्थापित करने के दौरान कठिनाई का सामना कर रहे सभी निवेशकों के लिए एक समर्पित वन-स्टॉप सॉल्यूशन के लिए उद्योग वार्ता शुरू की है। प्रमुख निवेश प्रस्तावों में शामिल रहे: 0. दूध उत्पादन एवं संबंधित उत्पाद उद्योग 0. बिहार फिल्म सिटी की स्थापना में निवेश 0. बिजली संबंधित उत्पादों की मैनुफैक्चरिंग यूनिट 0. फर्नीचर, एजुकेशनल इंस्टीट्यूट, हॉस्पिटल सेक्टर 0. लेदर के सामान का निर्माण एवं निर्यात 0. गन्ना उद्योग का विस्तार कुछ महत्वपूर्ण प्रस्ताव: 0. अशोक लेलैंड के वाइस प्रेसिडेंट यशपाल साचर ने इलेक्ट्रिक बस के लिए मैनुफैक्चरिंग यूनिट लगाने का प्रस्ताव रखा। सुझाव दिया कि पिंक बस को देखते हुए महिलाओं के लिए ड्राइविंग स्कूल की स्थापना हो सकती है। 0. रोबोटिक्स प्रोग्राम और कोलोरेक्टल सर्जरी, सवेरा कैंसर एंड मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल के निदेशक बिपिन कुमार झा ने रोबोटिक्स सर्जरी की अहमियत को रेखांकित करते हुए निवेश करने और सरकार संग काम करने की इच्छा जताई। 0. कोका कोला एसएलएमजी के निदेशक सिद्धार्थ लधानी ने बिहार सरकार के साथ सहयोग करने की इच्छा जाहिर की और अपने प्रस्तावित उद्योग की रूपरेखा पर चर्चा की।

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