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250 मेगावाट सोलर बिजली की होगी खरीद

गैर परम्परागत ऊर्जा को बढ़ावा दे रही सरकार 250 मेगावाट और सोलर बिजली की खरीद करेगी। खरीद की दर क्या हो, इसके लिए जल्द ही बिहार विद्युत विनियामक आयोग...

250 मेगावाट सोलर बिजली की होगी खरीद
हिन्दुस्तान टीम,पटनाFri, 20 Aug 2021 03:00 AM
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गैर परम्परागत ऊर्जा को बढ़ावा दे रही सरकार 250 मेगावाट और सोलर बिजली की खरीद करेगी। खरीद की दर क्या हो, इसके लिए जल्द ही बिहार विद्युत विनियामक आयोग के समक्ष याचिका दायर की जाएगी। आयोग यह तय करेगा कि अगले 25 वर्षों तक बिहार को किस दर पर बिजली मिलेगी।

बिहार में 250 मेगावाट सोलर बिजली उत्पादन की प्रक्रिया बिहार रिन्यूअबल इनर्जी डेवलमेंट एजेंसी (ब्रेडा) की ओर से शुरू की जा रही है। पूरे राज्य में खाली पड़े सरकारी, गैर सरकारी या अनुपयोगी जमीन पर सोलर बिजली का उत्पादन होना है। बिजली उत्पादन का मॉडल रेस्को होगा। यानी बाहरी एजेंसियां आएंगी और वह सोलर बिजली का उत्पादन करेंगी। उत्पादित बिजली को ब्रेडा बिहार विद्युत विनियामक आयोग की ओर से तय दर के अनुसार खरीदेगी।

उत्पादित होने वाली बिजली ग्रिड के माध्यम से आपूर्ति की जाएगी। ऐसे में बिजली का उपभोग करने वाले उपभोक्ताओं को कोई फर्क नहीं पड़ेगा कि वह सोलर बिजली का उपयोग कर रहे हैं या कोयले से उत्पादित बिजली का। सोलर बिजली उत्पादन के लिए निविदा की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। चयनित स्थानों पर सोलर बिजली उत्पादन के लिए प्लेट आदि लगाने का काम शुरू होगा। अगले साल से राज्य के कई स्थानों पर सोलर बिजली का उत्पादन होने लगेगा। इस परियोजना में 1200 करोड़ से अधिक निवेश होगा।

ब्रेडा के निदेशक आलोक कुमार ने कहा कि निविदा की प्रक्रिया पूरा होते ही बिहार विद्युत विनियामक आयोग के समक्ष याचिका दायर की जाएगी। याचिका दायर करने की तैयारी लगभग पूरी कर ली गई है। अगले सप्ताह याचिका दायर होने के बाद आयोग में इस मसले पर सुनवाई शुरू हो जाएगी। उम्मीद है कि बिहार को सस्ती सोलर बिजली मिलेगी। इसका लाभ आम लोगों को मिलेगा।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने कुल बिजली खपत का 17 फीसदी गैरपरम्परागत स्रोतों से उत्पादित बिजली का उपयोग करने का लक्ष्य राज्यों को दिया है। बिहार लगभग इसके आसपास आ चुका है। लक्ष्य के अनुसार बिजली खपत नहीं करने पर राज्यों को जुर्माना देना पड़ता है। बिहार को आने वाले दिनों में इस मद में जुर्माने की राशि विनियामक आयोग को नहीं देनी होगी। इस राशि का उपयोग बिजली की अन्य परियोजनाओं पर खर्च की जाएगी।