
शीतकालीन सत्र : 235 नवनिर्वाचित विधायकों ने ली शपथ
बिहार विधानसभा में 235 नवनिर्वाचित विधायकों ने शपथ ली। प्रोटेम स्पीकर नरेन्द्र नारायण यादव ने शपथ दिलाई। इस दौरान 6 विधायक अनुपस्थित रहे। शपथ ग्रहण पूरी तरह डिजिटल माध्यम से हुआ, जिसमें विधायकों को टैबलेट दिए गए। 14 विधायकों ने मैथिली में, 5 ने उर्दू में, 3 ने संस्कृत में और 4 ने अंग्रेजी में शपथ ली।
बिहार विधानसभा में सोमवार को 235 नवनिर्वाचित विधायकों ने शपथ ली। प्रोटेम स्पीकर नरेन्द्र नारायण यादव ने उन्हें शपथ दिलायी। समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी समेत छह विधायक जिवेश कुमार, विनय बिहारी, केदारनाथ सिंह, डॉ. सुनील कुमार और अमरेन्द्र पांडेय सदन से अनुपस्थित थे, जबकि अनंत सिंह जेल में होने के कारण शपथ लेने से वंचित रहे। प्रोटेम स्पीकर नरेन्द्र नारायण यादव का शपथ ग्रहण राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खां राजभवन में पहले ही करवा चुके हैं। 18वीं विधानसभा के पहले सत्र में सोमवार सुबह सदन की कार्यवाही जैसे ही शुरू हुई, प्रोटेम स्पीकर नरेन्द्र नारायण यादव ने शपथ ग्रहण की कार्यवाही शुरू करने का निर्देश दिया।
इसके पहले विधानसभा की सचिव ख्याति सिंह ने राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खां का शपथ ग्रहण को लेकर जारी संदेश पढ़ा। इसके तहत उनके द्वारा प्रोटेम स्पीकर नरेन्द्र नारायण यादव के शपथ ग्रहण कराने के लिए अधिकृत किया गया था। शपथ ग्रहण के पहले प्रोटेम स्पीकर ने सदन को सूचना दी कि सदन के शीतकालीन सत्र में इस बार कोई सवाल नहीं लिये जाएंगे। सिर्फ पहले से तय कार्य ही संपादित होंगे। पांच दिसंबर तक चलने वाले इस पांच दिवसीय लघु सत्र में विभिन्न सरकारी और विधायी कार्यों को निपटाया जाएगा। ऐसे में इस अवधि में विधायकों द्वारा पूछे जाने वाले प्रश्नों को शामिल नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि यह विधानसभा का पहला सत्र है, जिसमें कार्यवाही पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संचालित होगी। सदन में सभी विधायकों की मेजों पर वाई-फाई से जुड़े टैब लगाए गए हैं। बाद में उन्हें नेशनल ई-विधान एप्लिकेशन-नेवा के प्रशिक्षण से भी अवगत कराया जाएगा, जो देश की सभी विधानसभाओं का डिजिटल मंच है। इसके बाद विधायकों के शपथग्रहण की कार्यवाही प्रारंभ की गयी। 11 बजकर 10 मिनट पर नीतीश सरकार के मंत्रियों का शपथ ग्रहण पहले शुरू हुआ। सबसे पहले उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शपथ ली। उनके बाद उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा का शपथ ग्रहण हुआ। फिर मंत्रिमंडल में वरीयता क्रम के अनुसार मंत्रियों का शपथ ग्रहण हुआ। मंत्रियों के शपथ के बाद भाजपा के वरीय नेता सह नौ बार के विधायक डॉ. प्रेम कुमार ने शपथ ली। इसके तत्काल बाद राजद नेता तेजस्वी प्रसाद यादव का शपथ ग्रहण हुआ। इनके शपथ के बाद विधानसभा के क्षेत्र संख्या के आधार पर शपथ ग्रहण कराया गया। शपथ ग्रहण के बाद मंत्रियों ने प्रोटेम स्पीकर और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ तेजस्वी यादव समेत विपक्षी सदस्यों का भी अभिवादन किया। सुबह शपथ ग्रहण के पहले सभी विधायकों के बैठने के स्थान पर शपथ ग्रहण का प्रारूप पत्र रख दिये गए थे। इसके तहत सभी विधायकों को शपथ के प्रारूप पांच भाषाओं हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, उर्दू और मैथिली में उपलब्ध कराए गए थे। शपथ ग्रहण के दौरान तेजस्वी यादव ने मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव के पैर छुए तो रामकृपाल यादव के गले मिले। पूरी तरह डिजिटल हुआ विधानसभा आज सदन के अंदर का पूरा परिदृश्य ही बदला हुआ था। विधानसभा पूरी तरह डिजिटल था। सभी विधायकों के बैठने के स्थान पर टैब लगाए गए थे, जबकि अंदर दीवार पर लाइव टेलीकास्ट करने वाला टेलीविजन था। इस पर सदन की कार्यवाही दिख रही थी। शपथ ग्रहण का पूरा कार्यक्रम विधायक बैठे-बैठे देख रहे थे। इसी टीवी पर सदस्यों के सवाल भी डिजिटली दिखेंगे। सदन के अंदर 85 फीसदी सीटों पर एनडीए विधायकों की मौजूदगी थी, जबकि विपक्षी बेंच पर तेजस्वी यादव को पहली पंक्ति में पहला स्थान दिया गया था। रेणु-अनीता को टोका, विभा अटकती रहीं शपथ ग्रहण के दौरान शपथ प्रारूप को गलत ढंग से पढ़ने के कारण प्रोटेम स्पीकर ने भाजपा विधायक रेणु देवी को रोक दिया और उन्हें फिर शपथ दिलायी गयी। इसी तरह अनीता देवी ने प्रारूप से बाहर जाकर अपना शपथ ग्रहण पढ़ना शुरू किया तो उन्हें बीच में ही रोक दिया गया। कृष्णनंदन पासवान भी शपथ पढ़ने में गड़बड़ा गए। इसी तरह कुछ अन्य विधायकों ने भी शपथ पढ़ने में गड़बड़ी की। इन्होंने ईश्वर और सत्यनिष्ठा दोनों की शपथ ली, जिससे प्रोटेम स्पीकर ने रोक दिया और किसी एक के प्रति शपथ लेने को कहा। विभा देवी शपथ पत्र पढ़ने में अटकती रहीं। उन्होंने बगल में बैठी मनोरमा देवी के सहयोग से अपना शपथ ग्रहण पूरा किया। 160 मिनट में पूरा शपथ ग्रहण मंत्रियों का शपथ ग्रहण 12 मिनट में पूरा हो गया, जबकि पूरा शपथ ग्रहण दो घंटा 40 मिनट तक चला। सदन में 14 विधायकों ने मैथिली में शपथ ली। पांच विधायकों ने उर्दू में जबकि तीन ने संस्कृत में और चार विधायकों ने अंग्रेजी में शपथ ली। शेष 209 विधायकों ने हिन्दी में ही शपथ ली। आज जिन विधायकों का शपथ ग्रहण नहीं हो पाया है, वे मंगलवार को शपथ लेंगे। प्रोटेम स्पीकर ने कहा कि उन्हें मंगलवार को शपथ लेने के लिए फिर से अवसर दिया जाएगा। इस तरह एक विधायक को शपथ लेने में औसतन 40 सेकेंड का समय लगा। 14 ने मैथिली में ली शपथ : मिथिलांचल क्षेत्र से आने वाले विधायकों में मंत्री अरुण शंकर प्रसाद, झंझारपुर के विधायक नीतीश मिश्रा, अलीनगर से निर्वाचित सबसे कम उम्र की विधायक एवं गायिका मैथिली ठाकुर के अलावा सुधांशु शेखर, विनोद नारायण झा, मीना कामत, माधव आनंद, सुजीत कुमार, विनय चौधरी, राजेश कुमार मंडल, संजय सरावगी, रामचन्द्र प्रसाद, मुरारी मोहन झा और आसिफ अहमद ने मैथिली में शपथ लेना चुना। पांच ने उर्दू में ली शपथ : कांग्रेस के आबिदुर रहमान, मोहम्मद मुर्शिद आलम, कमरूल होदा, सरवर आलम और एआईएमआईएम के अख्तरूल ईमान ने उर्दू में शपथ ली। तीन ने संस्कृत में ली शपथ : कटिहार के भाजपा विधायक तारकिशोर प्रसाद, सोनबरसा से जदयू विधायक रत्नेश सदा और मुकेश कुमार ने संस्कृत में शपथ ली। चार ने अंग्रेजी में ली शपथ : लोजपा (रामविलास) के विधायक विष्णु देव पासवान, भाजपा के सिद्धार्थ सौरभ, जदयू के चेतन आनंद और राहुल सिंह ने अंग्रेजी में शपथ ली। कई विधायकों ने सदन में जय बिहार, जय भारत, बिहार जिंदाबाद, सीमांचल जिंदाबाद जय भीम जैसे नारे लगाए।

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