14 plans would have come out from the files then Patna does not sink - फाइलों से निकली होतीं 14 योजनाएं तो नहीं डूबता पटना DA Image

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फाइलों से निकली होतीं 14 योजनाएं तो नहीं डूबता पटना

फाइलों से निकली होतीं 14 योजनाएं तो नहीं डूबता पटना

नगर निगम और बुडको पर पटना को डुबाने के आरोप यूं ही नहीं लग रहे। अगर नाला उड़ाही से लेकर संप हाउसों के रखरखाव तक सारे काम ठीक ढंग से हुए होते तो ऐसी फजीहत नहीं झेलनी पड़ती। पटना पानी में डूबा तो नगर विकास एवं आवास विभाग की भी नींद टूटी है। गुनहगारों की खोज हुई तो पता चला कि दो साल से अधिक समय से 14 योजनाएं स्वीकृत हैं। नगर निगम के जरिए बुडको को काम करना था। करोड़ों की धनराशि भी दे दी गई मगर काम शुरू ही नहीं हुआ। अब विभाग बुडको से इस पर जवाब तलब कर रहा है।

बारिश ने पूरे पटना को डुबो दिया। एक सप्ताह से अधिक तक पानी भरा रहा। कई इलाके तो अब भी जलजमाव से उबर नहीं पाए। अब राजधानी को डुबाने के लिए जिम्मेदारों की खोज शुरू हुई तो चौंकाने वाली चीजें सामने आई हैं। दो साल पहले से शहर के अधिकतर संप हाउसों के पंप बदलने, ट्रांसफारमर लगाने सहित अन्य कार्यों की 14 योजनाएं स्वीकृत हुई थीं। करीब 12 करोड़ की इन योजनाओं पर काम ही शुरू नहीं हुआ, क्योंकि इस न तो दी गई धनराशि का उपयोगिता प्रमाणपत्र विभाग को मिला और न ही बाकी का पैसा ही मांगा गया। इनमें पहाड़ी, सैदपुर, संदलपुर, योगीपुर सहित उन सभी इलाकों के संप हाउस शामिल हैं, जिनके जरिए सारा पानी निकाला जाना था। यदि इन पर अमल हुआ होता तो न शहर डूबता, न जनता को दिक्कत होती और न ही सरकार को भी फजीहत झेलनी पड़ती।

नाला उड़ाही पर खर्च हुए करोड़ों

नाला उड़ाही पर करोड़ों खर्च हुए मगर बारिश ने सारी कलई खोल दी। अब सवाल उठ रहे हैं। संप हाउसों के रखरखाव पर काफी पैसा खर्च हो रहा है। मगर यह शहर का पानी निकालने में कितने कारगर रहे, सब देख चुके हैं। बड़ा सवाल तो यह भी है कि नालों का पानी ठीक ढंग से संप हाउसों तक पहुंचा क्यों नहीं। यह भी साफ है कि इनमें से कोई भी संप हाउस दुरुस्त नहीं था।

इन स्थानों पर स्वीकृत थे काम

-सैदपुर से पहाड़ी पंपिंग स्टेशन (एनबीसीसी) नाला निर्माण कुर्जी, पुनाइचक, राजवंशी नगर और एसपी वर्मा के ड्रेनेज पंपिंग प्लांटों के लिए 650 एमएम और 450 एमएम के वाल्व की सप्लाई और फिटिंग

-कुर्जी, राजापुर और मंदिरी के बीआरजेपी स्टोर्म ड्रेनेज पंपिंग प्लांटों के लिए 800 केवीए के नए ट्रांसफार्मर लगाना और उसकी जांच

-संदलपुर पंपिंग प्लांट के लिए 150 हार्सपावर का पंप लगाना

-आरएमआरआई पंपिंग स्टेशन के लिए 100 हाईपावर का पंप सेट लगाना

-पहाड़ी ओल्ड पंपिंग स्टेशन पर 475 हार्सपावर का डीजल चालित पंप सेट लगाना

-एसपी वर्मा रोड पंपिंग स्टेशन पर 180 एचपी का पंप सेट और पुनाइचक पंपिंग स्टेशन पर 350 एचपी का पंप सेट लगाना

-सैदपुर पंपिंग स्टेशन पर 500 केवीए का नया ट्रांसफारमर लगाना

-राजवंशी नगर पंपिंग प्लांट पर 100 एचपी का पंपिंग सेट, पहाड़ी ओल्ड और पहा़ड़ी न्यू पंपिंग स्टेशनों पर 350 एचपी का पंपिंग सेट

-योगीपुर पंपिंग स्टेशन पर 150 एचपी के दो सबमर्सिबल लगाना

-सैदपुर पंपिंग स्टेशन पर 270 एचपी के दो सबमर्सिबल और रामपुर पंपिंग स्टेशन पर 240 एचपी का पंप सेट

(ये योजनाएं वर्ष 2017 और 2018 से ही स्वीकृत हैं)

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