पटना यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर विवेक की नौकरी खत्म, FIR दर्ज होगा; फर्जीवाड़ा बहुत महंगा पड़ा

लाइव हिन्दुस्तान
Follow us on Google News
share

बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग, पटना द्वारा जारी सूचना के अनुसार, विवेक कुमार चयन सहायक प्राध्यापक (भूगोल) पद के लिए किया गया था। वे पटना विवि में कार्यरत थे। उनका चयन रद्द कर दिया गया है।

Patna University

Patna University News: बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग ने भूगोल विषय के सहायक प्राध्यापक पद के लिए चयनित अभ्यर्थी विवेक कुमार का चयन रद्द कर दिया है। यह कार्रवाई उनके शिक्षण अनुभव प्रमाणपत्र के फर्जी पाए जाने के बाद की गई है। आयोग ने अभ्यर्थी के विरुद्ध संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश भी दिया है। इस कार्रवाई से राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में हड़कंप मच गया है। कई विश्वविद्यालयों से फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र पर बहाली की खबरें आई हैं।

बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग, पटना द्वारा जारी सूचना के अनुसार, विवेक कुमार चयन सहायक प्राध्यापक (भूगोल) पद के लिए किया गया था। वे पटना विवि में कार्यरत थे। आयोग ने 27 अक्टूबर 2024 को चयनित अभ्यर्थियों की सूची जारी की थी, जिसमें विवेक कुमार को अनारक्षित कोटि में क्रम संख्या एक पर स्थान दिया गया था। 28 अक्टूबर 2024 को उन्हें विश्वविद्यालय आवंटन की सूचना भी जारी कर दी गई थी।

इसके बाद पटना विश्वविद्यालय के कुलसचिव ने 25 मई 2026 को आयोग को पत्र लिखकर बताया कि विवेक कुमार का शिक्षण अनुभव प्रमाणपत्र फर्जी पाया गया है। इसके आधार पर विश्वविद्यालय ने 29 अगस्त 2025 को जारी उनके नियुक्ति पत्र को निरस्त करते हुए उनकी सेवा समाप्त कर दी।

आयोग ने कुलसचिव के प्रतिवेदन के आधार पर विवेक कुमार का चयन रद्द करने और उनकी नियुक्ति की अनुशंसा वापस लेने का निर्णय लिया है। साथ ही आयोग ने अभ्यर्थी के खिलाफ संबंधित विश्वविद्यालय को प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया है। अब अनारक्षित कोटि में क्रम संख्या एक पर उनका चयन एवं नियुक्ति अनुशंसा पूर्ण रूप से रद्द मानी जाएगी।

शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए बिहार के अन्य विश्वविद्यालयों में भी बड़ी संख्या में सहायक प्रोफेसर की बहाली हुई है जो विभिन्न कॉलेजों में पढ़ा भी रहे हैं। प्रमाण पत्रों की जांच के दौरान पाया गया है नौकरी पाने के लिए अभ्यर्थियों ने अनुभव के जो प्रमाण पत्र लगाए हैं वे फर्जी हैं। कई अभ्यर्थियों ने उन कॉलेजों से अनुभव प्रमाण पत्र दिया है जिनमें उनकी बहाली के विषय की पढ़ाई ही नहीं होती है। बिहार यूनिवर्सिटी मुजफ्फरपुर में भी ऐसे कई संदिग्ध मामले जांच के दौरान सामने आए जिनपर छानबीन की प्रक्रिया चल रही है। विश्वविद्यालय सेवा आयोग के आदेश पर कार्यरत सहायक प्रोफेसर के कागजाचों की गहन छानबीन की जा रही है।

Sudhir Kumar

लेखक के बारे में

Sudhir Kumar

टीवी, प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में लगभग 18 साल का अनुभव रखने वाले सुधीर कुमार लाइव हिन्दुस्तान में अगस्त 2021 से बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर/को-ऑर्डिनेटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में हिन्दुस्तान दैनिक से इंटर्न के रूप में करियर की शुरुआत की। सुधीर ने लंबे समय तक ईटीवी/न्यूज18 में रिपोर्टर के रूप में बिहार और झारखंड में काम किया। दोनों राज्यों की राजनीति के साथ क्राइम, भूगोल और कल्चर की समझ रखते हैं। झारखंड में नक्सली वारदातों की कवरेज के साथ बिहार के चर्चित बालिकागृह कांड की पहली टीवी रिपोर्टिग कर गुनाहगारों का चेहरा उजागर किया। सुधीर ने स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के मुद्दों को कवर किया है और ह्यूमैन रिलेशन्स पर भी लिखते हैं। साइंस बैकग्राउंड के विद्यार्थी सुधीर कुमार ने इंदिरा गांधी नैशनल ओपन यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा किया है। डिजिटल कंटेंट क्रिएशन में खास रूचि रखते।

और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News, Bihar News के साथ-साथ Patna News, Muzaffarpur News, Bhagalpur News और बिहार के अन्य जिलों की ताज़ा खबरें और पटना का मौसम हिंदी में जानने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।