पटना में मेट्रो के बाद शुरू होंगे अल्ट्रा पॉड्स, 9 स्टेशन बनेंगे; कैसा होगा सफर?
पटना में जल्द ही अल्ट्रा पॉड्स शुरू होने वाले हैं। इसके लिए 5 किलोमीटर लंबा ट्रैक और 9 स्टेशन बनेंगे। पटना में वाहनों का ट्रैफिक कम करने और पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन शुरू करने की दिशा में यह अहम कदम माना जा रहा है।

Patna News: बिहार की राजधानी पटना में मेट्रो के बाद सार्वजनिक परिवहन की नई सुविधा शुरू होने वाली है। बिहार सरकार ने पटना में अल्ट्रा पॉड्स चलाने की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और लार्सन एंड टर्बो (एल एंड टी कंपनी) के बीच सोमवार को अहम बैठक हुई है। अल्ट्रा पॉड्स से सचिवालय और विधानसभा को जोड़ा जाएगा। एक बार में 6 लोग एक साथ सफर कर सकेंगे। पूरी योजना लगभग 296 करोड़ की है।
कैबिनेट सचिवालय विभाग से जानकारी के अनुसार यह परियोजना पुराना सचिवालय परिसर को आसपास के प्रशासनिक भवनों से जोड़ने के लिए लाई गई है। यह एक अंतर-सरकारी स्मार्ट और सस्टेनेबल मोबिलिटी सॉलूशन वाला परिवहन सिस्टम होगा। प्रशासनिक मंजूरी मिलने के 15 महीनों में यह पूरी तरह तैयार कर हो जाएगा। पटना में अल्ट्रा-पॉड परिवहन का ट्रैक 5 किलोमीटर लंबा होगा। इसमें कुल 9 स्टेशन बनाए जाएंगे। इनमें विश्वेश्वरैया भवन, विकास भवन, विधानसभा और पुराना सचिवालय शामिल हैं।
दो स्टेशन पर पार्किंग होगी। इस ट्रैक पर कुल 59 अल्ट्रा पॉड्स दौड़ेंगे। एक पॉड में अधिकतम 6 लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी। हर सात सेकंड में पॉड मिलेगा, जिससे आवागमन तेज और समय की बचत करने वाला होगा।
बताया जा रहा है कि यह व्यवस्था खास तौर पर ऑफिस आवर्स में ट्रैफिक को कम करने के लिए शुरू की जा रही है। अल्ट्रा पॉड्स में यात्री टोकन खरीदकर या फिर स्मार्ट कार्ड से सफर कर सकेंगे। इसका किराया भी बहुत कम रखा जाएगा। इससे सरकारी कार्यालयों में आने जाने वाले कर्मियों, आम जनता को सुविधा मिलेगी।
क्या है अल्ट्रा पॉड?
अल्ट्रा पॉड एक रैपिड ट्रांजिट परिवहन है। इसमें छोटे-छोटे पॉड में बैठकर यात्री एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाते हैं। इसे पॉड टैक्सी भी कहा जाता है। यह पूरी तरह इलेक्ट्रिक परिवहन होता है और इसे बिना ड्राइवर के संचालित किया जाता है। दिल्ली-एनसीआर और मुंबई जैसे बड़े शहरों में भी अल्ट्रा पॉड टैक्सी के प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं।
बता दें कि पटना में ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात पाने और सार्वजनिक परिवहन को दुरुस्त करने के लिए कई परियोजनाएं चल रही हैं। पिछले साल प्रायोरिटी कॉरिडोर पर पाटलिपुत्र बस टमिनल से भूतनाथ स्टेशन तक मेट्रो सेवा शुरू की गई थी। धीरे-धीरे इसका विस्तार किया जा रहा है। इसके अलावा गंगा नदी में वाटर मेट्रो सेवा भी जल्द शुरू होगी। इसके लिए विभिन्न घाटों पर स्टेशन विकसित किए जाएंगे।
लेखक के बारे में
Jayesh Jetawatजयेश जेतावत एक अनुभवी, जुझारू एवं निष्पक्ष पत्रकार हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं की रिपोर्टिंग एवं संपादन में महारत हासिल है। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। तकनीकी रूप से निपुण जयेश, तथ्यों की बारीकी से जांच कर समयसीमा के भीतर पाठकों तक सटीक खबरें एवं शोध-परक विश्लेषण पहुंचाते हैं। जनसरोकार के मुद्दे उठाना, पेशेवर नैतिकता का पालन करना, समाज एवं मानव कल्याण के प्रति जिम्मेदारी, इन्हें और भी योग्य बनाती है। भाषा पर इनकी अच्छी पकड़ है। जटिल मुद्दों को पाठकों एवं दर्शकों तक आसान शब्दों में पहुंचाना इनकी खूबी है।
जयेश जेतावत मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इसके बाद ईटीवी भारत में बतौर प्रशिक्षु समाचार संपादक के रूप में काम शुरू किया। फिर इंडिया न्यूज के डिजिटल सेक्शन में विभिन्न बीट कवर की। इसके बाद, वे2न्यूज में बतौर टीम लीडर तीन राज्यों की कमान संभाली। साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े, तब से यहां बिहार की खबरों को कवर कर रहे हैं। जयेश ने टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव इंडिया न्यूज चैनल और सी-वोटर रिसर्च एजेंसी में इंटर्नशिप भी की। पटना से प्रकाशित मैगजीन राइजिंग मगध में समसामयिक विषयों पर इनके लेख छपते रहे हैं। समाचार लेखन के अलावा जयेश की साहित्यिक पठन एवं लेखन में रुचि है, सामाजिक मुद्दों पर कई लघु कथाएं लिख चुके हैं।


