Patna Metro: पटना में ISBT से भूतनाथ दौड़ रही मेट्रो, मलाही पकड़ी तक कब पहुंचेगी; जानें
Patna Metro: 6.107 किलोमीटर लंबे प्राथमिक कॉरिडोर में छह अक्टूबर 2025 से आईएसबीटी से भूतनाथ के बीच 2.9 किलोमीटर में मेट्रो चल रही है। मलाही पकड़ी तक मेट्रो का आवागमन शुरू होते ही प्राथमिक कॉरिडोर का परिचालन पूरा हो जाएगा।

Patna Metro: पटना मेट्रो के प्राथमिक कॉरिडोर के बचे हुए भूतनाथ से मलाही पकड़ी तक मेट्रो का परिचालन जल्द शुरू होगा। मेट्रो का परिचालन शुरू करने से पहले सोमवार को मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त (सीएमआरएस) अंतिम बार ट्रैक आदि का निरीक्षण करेंगे। सीएमआरएस के निरीक्षण के बाद परिचालन की मंजूरी दी जाती है। उनसे मंजूरी मिलते ही उद्घाटन का तिथि तय होने के बाद मेट्रो का परिचालन शुरू कर दिया जाएगा। सीएमआरएस का निरीक्षण होने के कारण सोमवार को न्यू पाटलिपुत्र बस टर्मिनल से भूतनाथ के बीच मेट्रो का परिचालन बंद रहेगा। मंगलवार से पुनः परिचालन शुरू कर दिया जाएगा।
6.107 किलोमीटर लंबे प्राथमिक कॉरिडोर में छह अक्टूबर 2025 से आईएसबीटी से भूतनाथ के बीच 2.9 किलोमीटर में मेट्रो चल रही है। मलाही पकड़ी तक मेट्रो का आवागमन शुरू होते ही प्राथमिक कॉरिडोर का परिचालन पूरा हो जाएगा। हालांकि लोगों को अभी खेमनीचक स्टेशन पर मेट्रो की सुविधा नहीं मिलेगी। देर से जमीन मिलने से स्टेशन का निर्माण कार्य प्रारंभ करने में विलंब हुआ है। इस स्टेशन का निर्माण पूरा होने में लगभग दो-तीन माह का समय और लगेगा।
पटना के आठ इलाकों में भूमिगत केबल से बिजली आपूर्ति
पटना शहर के आठ रिहायशी इलाकों में जल्द भूमिगत बिजली केबलिंग का काम शुरू होगा। बिजली कंपनी ने इसके लिए कोंकण रेलवे का चयन किया है। यह एजेंसी पेसू के आठ विद्युत आपूर्ति डिविजन में भूमिगत केबलिंग का काम करेगी। एजेंसी की टीम ने सभी डिविजनों में सर्वे का काम शुरू कर दिया है। दो से तीन महीने में सर्वे की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद भूमिगत केबलिंग का काम शुरू होगा। आठ डिविजनों में 648 करोड़ से केबलिंग का कार्य होगा।
कोंकण रेलवे विद्युत आपूर्ति डिविजन न्यू कैपिटल, गर्दनीबाग, आशियाना, राजेन्द्रनगर, कंकड़बाग, पटना सिटी, बांकीपुर और पाटलिपुत्र के इलाके में भूमिगत बिजली केबलिंग का काम करेगी। पेसू के चार डिविजन बच जाएंगे, जिसमें अभी काम नहीं होगा। उसमें कंकड़बाग टू, गुलजारबाग, खगौल और दानापुर डिविजन शामिल हैं। यह इलाका अभी तेजी से विकसित कर रहा है। यहां नई इमारतें बन रही हैं। इस कारण इन इलाकों को बाद में भूमिगत केबल से लैस किया जाएगा। एजेंसी 33 केवी और 11 केवी लाइन को भूमिगत करेगी। यानी शहर के मुख्य सड़कों से जुड़े इलाके भूमिगत बिजली केबल से लैस होंगे। गली-मुहल्ले अभी भूमिगत नहीं हो पाएंगे।
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