पटना, मधुबनी समेत 5 जिलों में नई प्राइवेट यूनिवर्सिटी खुलेंगी; सम्राट चौधरी कैबिनेट का फैसला
बिहार में 5 नई प्राइवेट यूनिवर्सिटी खोली जाएंगी। राज्य कैबिनेट ने इस पर मुहर लगा दी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना, नवादा, मधुबनी समेत 5 जिलों में नए निजी विश्वविद्यालय खोलने का ऐलान किया।
बिहार में पांच नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना होगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में इस पर मुहर लगा दी गई। सीएम ने कहा कि ये यूनिवर्सिटी पटना, मधुबनी, नवादा, औरंगाबाद और सीवान जिले में खोली जाएंगी। इससे शिक्षित भारत और समृद्ध बिहार का सपना साकार होगा। साथ ही राज्य में उच्च शिक्षा के नए विकल्प भी खुलेंगे।
सीएम सम्राट चौधरी ने बुधवार को ऐलान किया कि पटना में हिमालय यूनिवर्सिटी की स्थापना एवं संचालन को मंजूरी दे दी गई है। इसके अलावा, मधुबनी में शांजा यूनिवर्सिटी की स्थापना पर मुहर लगाई गई है।
उन्होंने कहा कि औरंगाबाद के जसोइया मोड़ में सीतयोग विश्वविद्यालय के स्थापना को भी सरकार ने हरी झंडी दे दी है। नवादा के अशोक नगर में एसए यूनिवर्सिटी खोली जाएगी। सीवान के दरौंधा में भी एक निजी विश्वविद्यालय की स्थापना एवं संचालन को स्वीकृति दी गई है।
बता दें कि बिहार में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। राज्य के हर प्रखंड में डिग्री कॉलेज की स्थापना की गई है। इनकी शुरुआत इसी सत्र से होने जा रही है। 211 डिग्री कॉलेज खुलने से छात्र-छात्राओं को हायर एजुकेशन के लिए अपने प्रखंड से बाहर जाने को मजबूर नहीं होना पड़ेगा।
उच्च शिक्षा के नए विकल्प खुलेंगे
अब सम्राट सरकार ने राज्य में 5 नए निजी विश्वविद्यालयों को मंजूरी दे दी है। इससे बिहार के छात्र-छात्राओं के लिए यूजी-पीजी कोर्स की पढ़ाई के नए विकल्प खुलेंगे। प्राइवेट यूनिवर्सिटी की स्थापना से रोजगार को बढ़ावा मिलेगा, इससे शैक्षणिक के साथ ही आर्थिक विकास को भी मजबूती मिलेगी।
कैबिनेट की बैठक में 47 फैसले
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को राज्य कैबिनेट की बैठक हुई उसमें कुल 47 प्रस्तावों पर मुहर लगी। मंत्रिमंडल ने नई शिक्षक तबादला नीति को मंजूरी दे दी है। इसके अलावा भोजपुर जिले में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर केस की जांच के लिए न्यायिक आयोग का गठन किया गया है। वहीं, रोहतास जिले के डेहरी में नई सैटेलाइट टाउनशिप बसाई जाएगी। यह बिहार का 12वां ग्रीनफील्ड शहर होगा।
इसके अलावा, बिहार राज्य ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद का गठन किया जाएगा। ग्रीनफील्ड शहरों को विकसित करने के लिए हुडको के साथ 1 लाख करोड़ रुपये का एमओयू किया जाएगा। बिहार को एआई हब के रूप में विकसित करने के लिए गूगल, माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियों से करार होगा। इसके अलावा, कृषि, उद्योग और पर्यटन एवं अन्य विभागों के कई अहम प्रस्तावों पर भी सम्राट कैबिनेट ने मुहर लगाई है।
लेखक के बारे में
Jayesh Jetawatजयेश जेतावत एक अनुभवी, जुझारू एवं निष्पक्ष पत्रकार हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं की रिपोर्टिंग एवं संपादन में महारत हासिल है। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। तकनीकी रूप से निपुण जयेश, तथ्यों की बारीकी से जांच कर समयसीमा के भीतर पाठकों तक सटीक खबरें एवं शोध-परक विश्लेषण पहुंचाते हैं। जनसरोकार के मुद्दे उठाना, पेशेवर नैतिकता का पालन करना, समाज एवं मानव कल्याण के प्रति जिम्मेदारी, इन्हें और भी योग्य बनाती है। भाषा पर इनकी अच्छी पकड़ है। जटिल मुद्दों को पाठकों एवं दर्शकों तक आसान शब्दों में पहुंचाना इनकी खूबी है।
जयेश जेतावत मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इसके बाद ईटीवी भारत में बतौर प्रशिक्षु समाचार संपादक के रूप में काम शुरू किया। फिर इंडिया न्यूज के डिजिटल सेक्शन में विभिन्न बीट कवर की। इसके बाद, वे2न्यूज में बतौर टीम लीडर तीन राज्यों की कमान संभाली। साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े, तब से यहां बिहार की खबरों को कवर कर रहे हैं। जयेश ने टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव इंडिया न्यूज चैनल और सी-वोटर रिसर्च एजेंसी में इंटर्नशिप भी की। पटना से प्रकाशित मैगजीन राइजिंग मगध में समसामयिक विषयों पर इनके लेख छपते रहे हैं। समाचार लेखन के अलावा जयेश की साहित्यिक पठन एवं लेखन में रुचि है, सामाजिक मुद्दों पर कई लघु कथाएं लिख चुके हैं।


