पटना हाईकोर्ट में जज-वकील विवाद गहराया, सोमवार को अदालत बहिष्कार का ऐलान
पटना हाईकोर्ट में जज और वकीलों के बीच विवाद गहरा गया है। तीनों बार एसोसिएशन ने सामूहिक बैठक कर सोमवार को न्यायिक कार्य का बहिष्कार करने का ऐलान कर दिया है।

बिहार के पटना हाईकोर्ट में जज और वकीलों के बीच गतिरोध बढ़ गया है। बार एसोसिएशन ने हाईकोर्ट के जजों पर अपमानजनक व्यवहार का आरोप लगाते हुए न्यायिक कार्य बहिष्कार का ऐलान कर दिया है। हाईकोर्ट के वकील सोमवार 11 मई को काम नहीं करेंगे। तीनों अधिवक्ता संघों की समन्वय समिति की शुक्रवार को हुई आपात बैठक में यह फैसला लिया गया। वकीलों ने एक दिन पहले जारी हुए एक आदेश का भी विरोध किया है, जिसमें हाईकोर्ट परिसर के अंदर गाड़ी ले जाने पर रोक लगाई गई है।
समन्वय समिति की शुक्रवार को बैठक के बाद जारी नोटिस में कहा गया है कि हाल के दिनों में वकीलों और जजों के बीच खाई बढ़ती जा रही है। अदालत की कार्यवाही के दौरान जजों का वकीलों के प्रति रवैया अभद्र, अपमानजनक और मर्यादाहीन रहता है। कुछ जज अक्सर ऐसी बातें कहते हैं, जो सीधे तौर पर वकीलों की गरिमा को ठेस पहुंचाती हैं।
बार एसोसिएशन का आरोप है कि हाईकोर्ट की कार्यवाही के दौरान जज अपने आप को कानून और अन्य सभी विषयों के सर्वज्ञ ज्ञानी समझते हैं। युवा वकील तो छोड़िए, अनुभवी अधिवक्ता भी कुछ जजों के सामने पेश होने से अक्सर कतराते हैं।
बैठक में तीनों संघ के अधिवक्ता रहे मौजूद
पटना हाईकोर्ट के वकीलों की शुक्रवार को हुई बैठक में एडवोकेटस एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेश चंद्र वर्मा, महासचिव जयशंकर प्रसाद सिंह, लॉयर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष सतेन्द्र नारायण सिंह, महासचिव राजीव कुमार सिंह, जबकि बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सिंह और सचिव मुकेश कांत उपस्थित रहे।
हाईकोर्ट परिसर में गाड़ी नहीं ले जाने के आदेश पर वकील नाराज
समन्वय समिति की बैठक में कई वकीलों ने हाईकोर्ट के गुरुवार को जारी हुए फरमान पर भी नाराजगी जताई, जिसमें बैरिकेडिंग के कारण परिसर के अंदर गाड़ियां ले जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है।
अधिवक्ताओं का कहना है कि पैर से लाचार वकील हाईकोर्ट के गेट के पास गाड़ी से उतर कर लिफ्ट के पास कैसे जाएंगे। हाईकोर्ट की ओर से बैटरी चलित गाड़ी की व्यवस्था की गई है, लेकिन उस गाड़ी पर बुजुर्ग और महिला वकील जमीन से ऊंचा होने के कारण नहीं चढ़ सकते हैं।
गत 7 मई को हाईकोर्ट की ओर से जारी नोटिस में गेट के पास बनी बैरिकेडिंग से आगे गाड़ी ले जाने पर रोक लगा दी गई। नोटिस के अनुसार हाईकोर्ट की गाड़ी और महाधिवक्ता की गाड़ी को छोड़कर अन्य वाहनों को अंदर ले जाने की अनुमति नहीं है, जिसे लेकर वकीलों में काफी रोष व्याप्त है।
(पटना से विधि संवाददाता के इनपुट के साथ)
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जयेश जेतावत मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इसके बाद ईटीवी भारत में बतौर प्रशिक्षु समाचार संपादक के रूप में काम शुरू किया। फिर इंडिया न्यूज के डिजिटल सेक्शन में विभिन्न बीट कवर की। इसके बाद, वे2न्यूज में बतौर टीम लीडर तीन राज्यों की कमान संभाली। साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े, तब से यहां बिहार की खबरों को कवर कर रहे हैं। जयेश ने टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव इंडिया न्यूज चैनल और सी-वोटर रिसर्च एजेंसी में इंटर्नशिप भी की। पटना से प्रकाशित मैगजीन राइजिंग मगध में समसामयिक विषयों पर इनके लेख छपते रहे हैं। समाचार लेखन के अलावा जयेश की साहित्यिक पठन एवं लेखन में रुचि है, सामाजिक मुद्दों पर कई लघु कथाएं लिख चुके हैं।


