पटना के 239 होटल और अस्पताल खतरनाक? लटक सकता है ताला; फायर डिपार्टमेंट से अल्टीमेटम
पटना के 239 होटल और निजी अस्पताल सील किए जा सकते हैं। ये ऐसे होटल और अस्पताल हैं, जिन्होंने अग्निशमन विभाग की ओर से दो बार नोटिस दिए जाने के बाद भी आग से बचाव के लिए मुकम्मल इंतजाम नहीं किए हैं। इसमें 161 होटल और 78 अस्पताल शामिल हैं।

Bihar Top News: बिहार की राजधानी पटना के 239 होटल और निजी अस्पताल सील किए जा सकते हैं। ये ऐसे होटल और अस्पताल हैं, जिन्होंने अग्निशमन विभाग की ओर से दो बार नोटिस दिए जाने के बाद भी आग से बचाव के लिए मुकम्मल इंतजाम नहीं किए हैं। इसमें 161 होटल और 78 अस्पताल शामिल हैं। अग्निशमन विभाग की ओर से तीसरी और आखिरी बार इन्हें नोटिस भेजा गया है। 15 जून तक यदि अग्निशमन नियमों का अनुपालन नहीं किया गया तो इन्हें सील कर दिया जाएगा।
पटना जिले में पिछले साल कुल 462 निजी अस्पतालों की सुरक्षा ऑडिट की गई थी। इनमें 384 अस्पतालों ने अग्निशमन के नियमों के तहत अपने यहां व्यवस्था कर ली है। वहीं 78 ने अपने यहां फायर फाइटिंग सिस्टम को न तो अपडेट किया है न ही आने-जाने वाले रास्तों को व्यवस्थित किया है। कई जगहों पर तो बिजली के जर्जर तार हैं। इसी तरह पटना जिले में कुल 241 होटलों की सुरक्षा ऑडिट भी की गई थी। इसमें केवल 80 होटल ही आग से बचाव के लिए जरूरी सुरक्षा मानक पर खरे उतरे।
30 होटल और 30 अस्पतालों को सील करने का प्रस्ताव
बिहार अग्निशमन विभाग कार्रवाई शुरू कर दी है। गुरुवार को विभाग के कर्मियों ने पटना जिले के कई होटलों और अस्पतालों की जांच की। जिसमें यह पाया गया कि 30 होटल और 30 अस्पताल ने नोटिस मिलने के बाद भी आग से बचाव के निर्देश का अनुपालन नहीं किया है। जिला फायर कमांडेंट ने पटना जिले के ऐसे होटल और अस्पतालों को सील करने के लिए बिहार अग्निशमन पदाधिकारी को प्रस्ताव भेजा है। इस बाबत जिला फायर कमांडेंट रितेश कुमार पांडेय ने बताया कि जांच में पटना जिले में ऐसे 30 होटल व 30 अस्पताल सामने आये हैं, जिन्होंने नोटिस मिलने के बाद भी निर्देशों का अनुपालन नहीं किया है। उन तमाम संस्थानों को सील करने के लिए प्रस्ताव भेज दिया गया है।
मुजफ्फरपुर कांड के दोषियों पर कार्रवाई तय
सूचना एवं जनसंपर्क और ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि मुजफ्फरपुर के हॉस्पिटल में आग लगने की घटना की उच्चस्तरीय टीम गठित कर जांच की जाएगी। जांच में किसी प्रकार की लापरवाही, नियमों की अनदेखी या दोषपूर्ण प्रबंधन की पुष्टि होने पर जिम्मेदार व्यक्तियों एवं संस्थानों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने इस घटना को अत्यन्त गंभीरता से लिया है। ऐसी घटना की पुनरावृति रोकने के लिए अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था एवं आपदा प्रबंधन उपायों की सरकार व्यापक स्तर पर समीक्षा करेगी। सरकार इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। मंत्री ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने कहा है कि यह अत्यन्त पीड़ादायक और हृदय विदारक घटना है, इसमें अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति उन्होंने गहरी संवेदना प्रकट की।
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लेखक के बारे में
Sudhir Kumarटीवी, प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में लगभग 18 साल का अनुभव रखने वाले सुधीर कुमार लाइव हिन्दुस्तान में अगस्त 2021 से बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर/को-ऑर्डिनेटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में हिन्दुस्तान दैनिक से इंटर्न के रूप में करियर की शुरुआत की। सुधीर ने लंबे समय तक ईटीवी/न्यूज18 में रिपोर्टर के रूप में बिहार और झारखंड में काम किया। दोनों राज्यों की राजनीति के साथ क्राइम, भूगोल और कल्चर की समझ रखते हैं। झारखंड में नक्सली वारदातों की कवरेज के साथ बिहार के चर्चित बालिकागृह कांड की पहली टीवी रिपोर्टिग कर गुनाहगारों का चेहरा उजागर किया। सुधीर ने स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के मुद्दों को कवर किया है और ह्यूमैन रिलेशन्स पर भी लिखते हैं। साइंस बैकग्राउंड के विद्यार्थी सुधीर कुमार ने इंदिरा गांधी नैशनल ओपन यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा किया है। डिजिटल कंटेंट क्रिएशन में खास रूचि रखते।
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