पटना के पास बन रहा डेढ़ गुना बड़ा शहर, 66 लाख लोगों के रहने की जगह; हर तरह की सुविधा होगी
मौजूदा पटना का क्षेत्रफल 52 हजार एकड़ है, जिसमें दानापुर, खगौल, फुलवारी और संपतचक जैसे शहरी इलाके भी शामिल हैं। पटना के दक्षिण में पाटलिपुत्र सैटेलाइट टाउनशिप नाम से जो नया शहर विकसित किया जा रहा है, वो आकार में इससे भी डेढ़ गुना ज्यादा होगा।

बिहार की राजधानी पटना के पास पाटलिपुत्र सैटेलाइट टाउनशिप प्रोजेक्ट के जरिए एक नया शहर विकसित किया जा रहा है। इसका आकार मौजूदा पटना से भी डेढ़ गुना ज्यादा होगा। वहीं, पटना नगर निगम क्षेत्र से यह टाउनशिप 3 गुना बड़ी होगी। इसमें 66 लाख लोगों की आबादी रह सकेगी। उनके लिए स्कूल, अस्पताल, स्पोर्ट्स हब, मॉल, कॉम्पलेक्स, पार्क, मल्टी मॉडल हब जैसी सभी तरह की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। नगर विकास एवं आवास विभाग ने पाटलिपुत्र टाउनशिप के प्रारूप प्रकाशन कर दिया है। इस पर लोगों से 30 सितंबर तक आपत्ति और सुझाव मांगे गए हैं।
मौजूदा पटना में पटना नगर निगम क्षेत्र, दानापुर नगर परिषद, खगौल नगर परिषद, फुलवारी नगर परिषद और संपतचक नगर परिषद शामिल हैं। इनका कुल क्षेत्रफल लगभग 54 हजार एकड़ है। इसमें पटना नगर निगम का क्षेत्रफल 26902 एकड़, दानापुर नगर परिषद का 5718, खगौल का 904 एकड़, फुलवारी का 4080 एकड़ और संपतचक का करीब 16358 एकड़ एरिया है।
वहीं, पटना के दक्षिण की तरफ विकसित होने वाली पाटलिपुत्र टाउनशिप का कुल क्षेत्रफल 81730 एकड़ रखा गया है। यानी कि पटना नगर निगम, दानापुर, खगौल, फुलवारी और संपतचक को मिलाकर जितना एरिया है, उससे भी डेढ़ गुना ज्यादा बड़ा पाटलिपुत्र सैटेलाइट शहर होगा।
टाउनशिप में दो नगर पंचायत और 273 गांव शामिल
पाटलिपुत्र सैटेलाइट टाउनशिप का जो क्षेत्र चिह्नित किया गया है। उसमें पुनपुन नगर पंचायत को पूरी तरह शामिल कर दिया गया है। इसके अलावा, नौबतपुर नगर पंचायत के कुछ वार्डों को इसमें जोड़ा गया है। इसके अलावा, पटना जिले के 9 प्रखंडों के कुल 273 राजस्व गांवों को इसमें शामिल किया गया है।
बिहार में 12 नए शहर बनेंगे
राज्य सरकार ने बिहार में ऐसी कुल 12 सैटेलाइट टाउनशिप बनाने की योजना तैयार की है। राज्य के सभी 9 प्रमंडल मुख्यालयों के अलावा सीतामढ़ी, सोनपुर और डेहरी के पास भी नए शहर विकसित किए जाएंगे।
पाटलिपुत्र टाउनशिप पर फोकस
सरकार पाटलिपुत्र टाउनशिप परियोजना को जल्द से जल्द पूरा करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। जानकारों का मानना है कि यह प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद राजधानी पटना पर आबादी का दबाव कम होगा। पटना के पास औद्योगिक विकास तेजी से हो सकेगा, जिससे बिहार में रोजगार, आर्थिक विकास और पलायन के मुद्दों का समाधान तेजी से होगा।
सरकार की योजना पाटलिपुत्र टाउनशिप में आवासीय, स्पोर्ट्स सिटी, मल्टी मॉडल हब, औद्योगिक के अलावा स्कूल-कॉलेज, अस्पताल सहित सभी तरह की सुविधाएं विकसित करने की है। इसके अलावा शहरी कृषि के लिए भी क्षेत्र छोड़ा जाएगा। इसी कारण इसका क्षेत्रफल भी ज्यादा रखा गया है। पाटलिपुत्र सैटेलाइट टाउनशिप को साल 2047 की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया जा रहा है।


