मरीज से जानवर जैसा सलूक, फर्श पर घसीटकर ले गए, 3 दिन तक भर्ती नहीं किया; DMCH में इंसानियत तार-तार
दरभंगा के डीएमसीएच अस्पताल में एक मरीज के साथ बदसूलकी हुई। मरीज तीन दिनों तक लावारिस हालत में अस्पताल के इमरजेंसी में पड़ा रहा, उसे भर्ती नहीं किया गया। तीसरे दिन गार्ड ने उसे एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए ट्रॉली पर लिटाने की बजाय फर्श पर घसीटा।

बिहार के दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (डीएमसीएच) में इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। दरभंगा डीएमसीएच में एक मरीज के साथ जानवरों जैसा सलूक किया गया। अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में शुक्रवार को वहां के सुरक्षा कर्मी ने लावारिस मरीज को फर्श पर घसीटता हुआ एक से दूसरी जगह ले गया। युवक को पुलिस तीन दिन पहले इमरजेंसी में छोड़कर गई थी। 3 दिनों तक उसे अस्पताल में भर्ती तक नहीं किया गया।
जानकारी के अनुसार, डीएमसीएच के इमरजेंसी विभाग में शुक्रवार को लावारिस मरीज को ट्रॉली पर ले जाने के बजाय, गार्ड उसे जमीन पर ही घसीटते हुए ले गया। यह नजारा देख वहां मौजूद अन्य मरीज और उनके परिजन हैरान रह गए। इस दृश्य ने डीएमसीएच में लावारिस मरीजों के साथ हो रहे अमानवीय व्यवहार का जीवंत उदाहरण पेश कर दिया। मरीज को घसीटते हुए ले जाने के फोटो-वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। लोग सरकारी अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल खड़े करने लगे हैं।
नाम-पता मालूम नहीं
बताया गया कि एक युवक को पुलिस तीन दिन पहले डीएमसीएच में छोड़कर गई थी। युवक बताता है कि वह झंझारपुर (मधुबनी) का रहने वाला है। इससे ज्यादा वह और कुछ जानकारी नहीं दे पा रहा है।
लोग करवा रहे थे इलाज
बताया जाता है कि तीन दिनों से इमरजेंसी विभाग में पड़े रहने के बावजूद मरीज को अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया। कुछ लोग 5-5 रुपये का पुर्जा कटाकर उसका इलाज करा रहे थे। दाखिला नहीं होने पर स्वास्थ्य प्रबंधक ने भी लावारिस मरीज की सुध नहीं ली।
ट्रॉली नहीं मंगाई गई
इधर, शुक्रवार को मरीज को ऑर्थोपेडिक इमरजेंसी से ट्राइज एरिया में ले जाने को कहा गया। मरीज को वहां तक पहुंचाने के लिए ट्रॉली नहीं मंगाई गई, जबकि इमरजेंसी विभाग में कई ट्रॉली मौजूद थी। एक सुरक्षा कर्मी मरीज का हाथ पकड़कर फर्श पर घसीटता हुआ उसे ट्राइज एरिया तक ले गया।
लावारिस मरीजों के इलाज की व्यवस्था
बता दें कि लावारिस मरीजों का इलाज सुनिश्चित करने के लिए सरकार की ओर से अस्पतालों में पूरी व्यवस्था की गई है। इलाज के अलावा उन्हें दवा और खाना उपलब्ध कराना अस्पताल प्रशासन की जिम्मेदारी है। बावजूद इसके इस तरह का अमानवीय व्यवहार वहां की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।
डॉक्टर क्या बोले
डीएमसीएच अधीक्षक डॉ. जगदीश चंद्रा ने बताया कि मरीजों की सहूलियत के लिए इमरजेंसी में हेल्थ मैनेजर तैनात हैं। ट्रॉली की मुकम्मल व्यवस्था है। मरीज के साथ इस तरह का व्यवहार उचित नहीं है। हेल्थ मैनेजर को उसे भर्ती कराकर उसका इलाज कराने का निर्देश दिया जा रहा है। मरीज के साथ अमानवीय व्यवहार करने वाले सुरक्षा कर्मी की पहचान की जाएगी।


