कोरोना में 5 करोड़ की जमीन बेची, बाढ़ में 3 करोड़ की; पप्पू यादव को रोज 5 लाख बांटने कौन देता है पैसा?

Ritesh Verma लाइव हिन्दुस्तान, पटना
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  • पप्पू यादव ने बताया है कि वो हर रोज चार से पांच लाख रुपये बांटते हैं और अब तक जरूरतमंद लोगों की 280 करोड़ से ज्यादा की मदद कर चुके हैं। पप्पू ने कहा कि उनके घर-परिवार और मित्र लोग मदद के लिए पैसे देते हैं।

कोरोना में 5 करोड़ की जमीन बेची, बाढ़ में 3 करोड़ की; पप्पू यादव को रोज 5 लाख बांटने कौन देता है पैसा?

बिहार के बहुचर्चित नेता और पूर्णिया के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने कहा है कि 34 साल के सार्वजनिक जीवन में उन्होंने 280 करोड़ से ज्यादा रुपये जरूरतमंद लोगों के बीच बांट दिए होंगे। कांग्रेस में अपनी पार्टी जाप का विलय कर चुके पप्पू यादव ने बताया कि कोरोना के दौरान उन्होंने 90 कट्ठा जमीन बेचकर 5 करोड़ रुपये जुटाए और लोगों की मदद की। अभी बिहार में बाढ़ आया तो उन्होंने राज्यसभा सांसद पत्नी रंजीत रंजन से छुपाकर पूर्णिया में पांच बीघा जमीन बेच दी और उससे मिले 3 करोड़ रुपए से बाढ़ पीड़ितों के बीच राहत का अभियान चलाया।

पप्पू यादव ने एक यू-ट्यूब पॉडकास्ट में कहा कि उन्होंने 280 करोड़ से भी ज्यादा पैसा बांट दिया है। उन्होंने कहा- “कोरोना में पैसा नहीं था तो अपने ऑफिस के पीछे 90 कट्ठा जमीन 5 करोड़ में बेच दिए। बाढ़ में पैसा नहीं था तो पत्नी से चुराकर पूर्णिया में पांच बीघा जमीन बेच दिए। 3 करोड़ दे दिए बाढ़ में। बाढ़ में लोगों को खाना खिलाए। पटना में हर रोज एक करोड़ का खाना बनाते थे कोरोना में, दूध देते थे।” पप्पू यादव ने कहा कि कोरोना के दौरान उन्होंने दस हजार लोगों का शव उठवाया होगा। सात करोड़ का रेमिडिसिवर इंजेक्शन बांट दिए।

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जब इंटरव्यू लेने वाले ने पप्पू यादव से पूछा कि इतने पैसे बांटने के लिए आते कहां से हैं तो पप्पू ने कहा कि घर, परिवार, खानदान के लोग, दोस्त मदद करते हैं। उन्होंने बताया कि लोकसभा चुनाव में उनकी बहन ने मदद की। उनके पास पैसा नहीं था तो बहन ने 80 लाख दिए जिनके पास यूपी में कई कॉलेज हैं। (चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव के लिए एक कैंडिडेट के लिए खर्च की सीमा 95 लाख तय कर रखा है) मां ने कहा है कि पैसे लौटा देना।

रंगदारी मांगने के मुकदमों पर पप्पू ने कहा कि जिसके पास कोई कमी होगी, वो किसी से मांगेगा। वो तो सुबह से शाम तक मदद बांटते रहते हैं, वो किसी से क्या और क्यों रंगदारी मांगेंगे। उन्होंने बताया कि पूर्णिया में रंगदारी का केस फर्जी था और आरोप लगाने वाला उलटा जेल गया। उन्होंने कहा कि जो आदमी डेली चार से पांच लाख रुपया बांट देता है वो किसी से क्या रंगदारी मांगेगा।

पप्पू ने कहा कि उनकी मदद करने वाले कहते हैं कि ये पैसा रखेगा नहीं, बांटेगा तो सब लोग मदद करते हैं। उन्होंने बताया कि उनकी बहन के पास कई कॉलेज हैं यूपी में। याद दिला दें कि पप्पू को कुछ दिन पहले उनके एक मित्र ने बुलेटप्रूफ लैंड क्रूजर कार दी है क्योंकि उन्हें लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कथित तौर पर धमकियां मिल रही हैं।

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पप्पू यादव ने कहा कि वो किसी की आंख में आंसू नहीं देख सकते। कोई उनके दरवाजे से खाली हाथ नहीं जा सकता। उन्होंने दिल्ली से पूर्णिया तक मरीजों के रहने और इलाज कराने की अपनी सेवा आश्रम व्यवस्था पर कहा कि वो लोगों की मदद नहीं करेंगे, जरूरतमंद को पैसे नहीं बाटेंगे तो मर जाएंगे। उन्होंने कहा कि लोगों की मदद वो वोट के लिए नहीं करते नहीं तो उनकी पार्टी जाप को लोग नकारते नहीं।

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पप्पू यादव ने कहा कि वो वोट के लिए मदद करते तो बिहार के बाहर गुजरात जाकर भुज भूकंप के पीड़ितों की मदद नहीं करते जिसके लिए लोकसभा अध्यक्ष ने लिखकर उनकी तारीफ की थी। उन्होंने उत्तराखंड, दिल्ली, ओडिशा, महाराष्ट्र जैसे राज्यों में अपने काम गिनाए और यह तर्क दिया कि लोगों की मदद वो अपनी संतुष्टि के लिए करते हैं।

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Ritesh Verma

लेखक के बारे में

Ritesh Verma
रीतेश वर्मा पत्रकारिता में 25 साल से अलग-अलग भूमिका में अखबार, टीवी और डिजिटल में काम कर चुके हैं। दैनिक जागरण के साथ बिहार में 5 साल तक जिला स्तर की प्रशासनिक और क्राइम रिपोर्टिंग करने के बाद रीतेश ने आईआईएमसी, दिल्ली में दाखिला लेकर पत्रकारिता की पढ़ाई की। एक साल के अध्ययन ब्रेक के बाद रीतेश ने विराट वैभव से दोबारा काम शुरू किया। फिर दैनिक भास्कर में देश-विदेश का पेज देखा। आज समाज में पहले पन्ने पर काम किया। बीबीसी हिन्दी के साथ आउटसाइड कंट्रीब्यूटर के तौर पर जुड़े। अखबारों के बाद रीतेश ने स्टार न्यूज के जरिए टीवी मीडिया में कदम रखा। रीतेश ने टीवी चैनलों में रिसर्च डेस्क पर लंबे समय तक काम किया है और देश-दुनिया के विषयों पर तथ्यपरक जानकारी सहयोगियों को आगे इस्तेमाल के लिए मुहैया कराई है। सहारा समय और इंडिया न्यूज में भी रीतेश रिसर्च का काम करते रहे। इंडिया न्यूज की पारी के दौरान वो रिसर्च के साथ-साथ चैनल की वेब टीम के हेड बने और इनखबर न्यूज पोर्टल को बतौर संपादक शुरू किया। लाइव हिन्दुस्तान के साथ एडिटर- न्यू इनिशिएटिव के तौर पर पिछले 6 साल से जुड़े रीतेश फिलहाल उत्तर प्रदेश और बिहार की खबरों और दोनों राज्यों की टीम को देखते हैं। और पढ़ें
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