बेऊर जेल से निकले पप्पू यादव, सभी कांडों में जमानत मिली; 7 दिनों बाद हुई रिहाई
पप्पू यादव सभी कांडों में जमानत के बाद जेल से बाहर आ गए हैं। उन्हें छह फरवरी की रात को पुलिस ने पटना आवास से गिरफ्तार कर लिया था। पटना के ही 31 साल पुराने दबंगई के एक मामले में उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।

Pappu Yadav Bail: पूर्णिया के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव जल्द बेऊर जेल से निकल गए हैं। पटना सिविल कोर्ट से उन्हें सभी मामलों में जमानत दे दी गई। उसके बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। पूर्णिया के एक मामले में भी उन्हें जमानत मिल गई है। पप्पू यादव को छह फरवरी की रात को पुलिस ने पटना आवास से गिरफ्तार कर लिया था। पटना के ही 31 साल पुराने दबंगई के एक मामले में उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। कोर्ट में सुनवाई पर हाजिर नहीं होने पर जारी वारंट की बिना पर उन्हें गिरफ्तार किया गया तो सियासी संग्राम मच गया। मामले में कांग्रेस सांसद राहुल गाधी और प्रियंका गांधी भी कूद पड़े। आज शाम तक बेऊर जेल से बाहर आने की उम्मीद जताई जा रही है।
न्यायालय के सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार कोर्ट ने पप्पू यादव को पटना के कोतवाली, बुद्धा कॉलनी थानों में दर्ज केस में बेल मिल गई है। इसके साथ उन्हें पूर्णिया कोर्ट में दर्ज अन्य मामलो में भी मामलों में जमानत मिल गई है। उनपर गर्दनीबाग और बुद्धा कॉलोनी थानों में धरना, प्रदर्शन और सरकारी कार्य में बाधा डालने का कांड दर्ज किए गए थे।
बेल मिल जाने से बेऊर जेल से उनकी जेल से रिहाई का रास्ता साफ हो गया है। पप्पू यादव के समर्थक ने फोन पर बताया कि उनकी रिहाई के लिए आवश्यक कार्रवाही जारी है। बताया जा रहा है कि शाम तक उनकी रिहाई हो सकती है। पप्पू यादव बेऊर जेल में न्यायिक हिरासत में थे और उनकी जमानत याचिकाओं पर सुनवाई चल रही थी। शुक्रवार को कोर्ट ने तीनों मामलों में राहत देते हुए उन्हें बेल ग्रांट कर दिया। फैसले की खबर मिलते ही समर्थकों में खुशी का माहौल देखा गया।
छह फरवरी की रात को पप्पू यादव को गिरफ्तार किया गया। अगले दिन उन्हें न्यायालय में पेश किया गया जहां से न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल भेज दिया गया। स्वास्थ्य कारणों से पप्पू यादव को पीएमसीएच में लाया गया जहां स्थिति ठीक होने की रिपोर्ट आने पर फिर से जेल भेज दिया गया। पप्पू यादव की ओर से जमानत याचिका दायर की गई। लेकिन कोर्ट को बम से उड़ाने की अफवाहों के बीच दो दिनों तक जमानत का मामला लटका रहा। 1995 के मामले में जमानत मिल जाने के बाद उन्हें पटना के विभिन्न थानों में दर्ज तीन अन्य कांडों में रिमांड कर लिया गया। शुक्रवार को उन्हें सभी कांडों में जमानत मिल गई।

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Sudhir Kumarटीवी, प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में लगभग 18 साल का अनुभव रखने वाले सुधीर कुमार लाइव हिन्दुस्तान में अगस्त 2021 से बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर/को-ऑर्डिनेटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में हिन्दुस्तान दैनिक से इंटर्न के रूप में करियर की शुरुआत की। सुधीर ने लंबे समय तक ईटीवी/न्यूज18 में रिपोर्टर के रूप में बिहार और झारखंड में काम किया। दोनों राज्यों की राजनीति के साथ क्राइम, भूगोल और कल्चर की समझ रखते हैं। झारखंड में नक्सली वारदातों की कवरेज के साथ बिहार के चर्चित बालिकागृह कांड की पहली टीवी रिपोर्टिग कर गुनाहगारों का चेहरा उजागर किया। सुधीर ने स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के मुद्दों को कवर किया है और ह्यूमैन रिलेशन्स पर भी लिखते हैं। साइंस बैकग्राउंड के विद्यार्थी सुधीर कुमार ने इंदिरा गांधी नैशनल ओपन यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा किया है। डिजिटल कंटेंट क्रिएशन में खास रूचि रखते।
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