ज्यादा तेज बनोगे तो मार दिए जाओगे, नीट छात्रा के घर पुलिस सिक्योरिटी के बीच पर्चा मिलने से दहशत
जहानाबाद जिले में मृतक नीट छात्रा के पैतृक घर में पुलिस सिक्योरिटी के बीच एक धमकी भरा पर्चा मिलने से दहशत फैल गई है। इस पर्चे में जान से मारने की धमकी दी गई है, जिससे परिवार वाले घबरा गए हैं।

बिहार की राजधानी पटना में नीट की तैयारी कर रही जहानाबाद की छात्रा की मौत के सदमे में डूबे परिजन को पर्चा फेंककर धमकी देने का मामला सामने आया है। छात्रा के पैतृक गांव स्थित घर में किसी अनजान शख्स ने धमकी भरा पर्चा फेंककर सनसनी फैला दी है। शनिवार सुबह 11 बजे रसोई की खिड़की पर पर्चा रखा हुआ मिला। उसमें लिखा है कि ज्यादा तेज बनोगे तो उठा लिए जाओगे, मार दिए जाओगे। धमकी भरा पर्चा मिलने के बाद छात्रा का पूरा परिवार दहशत में आ गया है।
हैरत कि बात है कि पर्चा ऐसे समय में फेंका गया है जब छात्रा का पूरा परिवार एवं घर पुलिस की अभिरक्षा में है। करीब एक सप्ताह से छात्रा के घर पर एक एसआई, दो होमगार्ड एवं एक चौकीदार की ड्यूटी लगी है। पुलिस सिक्योरिटी के बावजूद धमकी भरा पर्चा मिलने से सवाल उठने लगे हैं।
पुलिस क्या बोली?
सूचना मिलने पर शकूराबाद थानाध्यक्ष राहुल कुमार गांव पहुंचे और पर्चे को जब्त करते हुए मामले की पड़ताल शुरू की है। उन्होंने बताया कि पर्चा का सत्यापन किया जा रहा है, प्रथम दृष्टया यह असामाजिक तत्वों की करतूत मालूम पड़ती है। पर्चा की सत्यता जल्द ही सामने आ जाएगी।
जहानाबाद की छात्रा की पटना में हुई थी मौत
गौरतलब हो कि पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर नीट परीक्षा की तैयारी कर रही छात्रा की पिछले महीने मौत हो गई थी। वह 6 जनवरी को अपने हॉस्टल के कमरे में बेहोश मिली थी। निजी अस्पताल में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया था।
पुलिस ने इसे पहले सुसाइड बताया था लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न की बात सामने आने पर जांच की दिशा बदल गई। परिजन ने छात्रा के साथ बलात्कार के बाद हत्या की आशंका जताई। इस मामले की जांच अभी सीबीआई कर रही है। इससे पहले पटना पुलिस और फिर एसआईटी ने मामले की जांच की थी।
फोरेंसिक की बायोलाजिकल जांच में छात्रा केअंत:वस्त्र पर पुरुष के स्पर्म की पुष्टि होने पर एसआइटी ने गांव के भी एक दर्जन से ज्यादा लोगों का डीएनए जांच के लिए सैंपल लिया था। इस मामले में न्याय की मांग को लेकर बीते 8 फरवरी को छात्रा के परिजन ने दिल्ली के जंतर- मंतर पर जाकर भी प्रदर्शन किया था।
दरअसल, घर वाले इस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के जज की निगरानी कराने की मांग कर रहे हैं। साथ ही वे पुलिस, हॉस्टल और डॉक्टरों की भूमिका पर भी सवाल उठा रहे हैं।
लेखक के बारे में
Jayesh Jetawatजयेश जेतावत एक अनुभवी, जुझारू एवं निष्पक्ष पत्रकार हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं की रिपोर्टिंग एवं संपादन में महारत हासिल है। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। तकनीकी रूप से निपुण जयेश, तथ्यों की बारीकी से जांच कर समयसीमा के भीतर पाठकों तक सटीक खबरें एवं शोध-परक विश्लेषण पहुंचाते हैं। जनसरोकार के मुद्दे उठाना, पेशेवर नैतिकता का पालन करना, समाज एवं मानव कल्याण के प्रति जिम्मेदारी, इन्हें और भी योग्य बनाती है। भाषा पर इनकी अच्छी पकड़ है। जटिल मुद्दों को पाठकों एवं दर्शकों तक आसान शब्दों में पहुंचाना इनकी खूबी है।
जयेश जेतावत मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इसके बाद ईटीवी भारत में बतौर प्रशिक्षु समाचार संपादक के रूप में काम शुरू किया। फिर इंडिया न्यूज के डिजिटल सेक्शन में विभिन्न बीट कवर की। इसके बाद, वे2न्यूज में बतौर टीम लीडर तीन राज्यों की कमान संभाली। साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े, तब से यहां बिहार की खबरों को कवर कर रहे हैं। जयेश ने टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव इंडिया न्यूज चैनल और सी-वोटर रिसर्च एजेंसी में इंटर्नशिप भी की। पटना से प्रकाशित मैगजीन राइजिंग मगध में समसामयिक विषयों पर इनके लेख छपते रहे हैं। समाचार लेखन के अलावा जयेश की साहित्यिक पठन एवं लेखन में रुचि है, सामाजिक मुद्दों पर कई लघु कथाएं लिख चुके हैं।


