सीओ और राजस्व अधिकारियों के बाद हड़ताल पर गए पंचायत सचिव, गांवों से अंचल तक कामकाज ठप
बिहार राज्य पंचायत सचिव संघ के आह्वान पर विभिन्न मांगों को लेकर पंचायत सचिव बुधवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। सीओ और आरओ के बाद अब पंचायत सचिवों की हड़ताल से जनता के काम ठप हो गए हैं।

Panchayat Secretary Strike: बिहार में सीओ, आरओ और राजस्व पदाधिकारियों के बाद अब पंचायत सचिव भी हड़ताल पर चले गए हैं। इससे गांवों से लेकर अंचलों तक जनता के कामकाज प्रभावित हो गए हैं। बिहार राज्य पंचायत सचिव संघ के आह्वान पर पांच सूत्रीय मांगों को लेकर पंचायत सचिवों ने बुधवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। इनकी गृह जिले में पदस्थापना, ग्रेड पे बढ़ाने, यात्रा भत्ता देने, प्रमोशन की उम्र 56 साल को खत्म करने समेत अन्य मांगें हैं।
पंश्चिम चंपारण जिले के सभी पंचायत सचिवों ने बुधवार को काम क बंद कर दिया। बेतिया में संघ के अध्यक्ष विकास कुमार ने बिहार सरकार के पंचायती राज विभाग पर वादाखिलाफी और उदासीनता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने सचिवों की मांग अभी तक पूरी नहीं की है। इस कारण मजबूरन उन्हें हड़ताल करनी पड़ रही है।
जनता के काम अटके
हड़ताल से गांवों में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, पेंशन, राशन कार्ड बनाने एवं उसमें सुधार के काम अटक गए हैं। साथ ही, पंचायतों के विकास की योजनाएं भी ठप पड़ गई हैं। राजस्व कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के बाद पंचायत सचिवों को उनका अतिरिक्त दायित्व सौंपा गया था। अब इनके भी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने से प्रखंड एवं अंचल कार्यालयों में कार्य ठप पड़ गया है।
नरकटियागंज में पंचायत सचिव विक्रांत राज, सतीश कुमार, राकेश कुमार, अयांक कुमार, अर्थेश कुमार, अमरेश कुमार आदि ने बताया कि पांच सूत्री मांगों को लेकर बिहार राज्य पंचायत सचिव संघ के आह्वान पर 8 अप्रैल से सभी पंचायत सचिवों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया। पंचायत सचिवों ने कहा कि सरकार जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं करेगी तब तक हड़ताल जारी रहेगी। हालांकि पुराने पंचायत सचिव एवं जन सेवक इस हड़ताल से बाहर हैं।
क्या है पंचायत सचिव की मांगें-
- अंतरजिला ट्रांसफर करते हुए गृह जिले में पदस्थापन करने
- शैक्षणिक योग्यता के आधार पर पंचायत राज पदाधिकारी में प्रमोशन देने
- प्रमोशन में उम्र सीमा में छूट देने
- परिवहन भत्ता की सुविधा देने
- ग्रेड पे 2000 के बदले 4200 करने
(बेतिया और नरकटियागंज से हिन्दुस्तान संवाददाता के इनपुट के आधार पर)
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लेखक के बारे में
Jayesh Jetawatजयेश जेतावत एक अनुभवी, जुझारू एवं निष्पक्ष पत्रकार हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं की रिपोर्टिंग एवं संपादन में महारत हासिल है। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। तकनीकी रूप से निपुण जयेश, तथ्यों की बारीकी से जांच कर समयसीमा के भीतर पाठकों तक सटीक खबरें एवं शोध-परक विश्लेषण पहुंचाते हैं। जनसरोकार के मुद्दे उठाना, पेशेवर नैतिकता का पालन करना, समाज एवं मानव कल्याण के प्रति जिम्मेदारी, इन्हें और भी योग्य बनाती है। भाषा पर इनकी अच्छी पकड़ है। जटिल मुद्दों को पाठकों एवं दर्शकों तक आसान शब्दों में पहुंचाना इनकी खूबी है।
जयेश जेतावत मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इसके बाद ईटीवी भारत में बतौर प्रशिक्षु समाचार संपादक के रूप में काम शुरू किया। फिर इंडिया न्यूज के डिजिटल सेक्शन में विभिन्न बीट कवर की। इसके बाद, वे2न्यूज में बतौर टीम लीडर तीन राज्यों की कमान संभाली। साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े, तब से यहां बिहार की खबरों को कवर कर रहे हैं। जयेश ने टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव इंडिया न्यूज चैनल और सी-वोटर रिसर्च एजेंसी में इंटर्नशिप भी की। पटना से प्रकाशित मैगजीन राइजिंग मगध में समसामयिक विषयों पर इनके लेख छपते रहे हैं। समाचार लेखन के अलावा जयेश की साहित्यिक पठन एवं लेखन में रुचि है, सामाजिक मुद्दों पर कई लघु कथाएं लिख चुके हैं।


