एक पटना वाला जाएगा, दूसरा आएगा? जेपी नड्डा के बाद नितिन नवीन के भाजपा अध्यक्ष बनने की बारी
बीजेपी के मौजूद राष्ट्र्यी अध्यक्ष जेपी नड्डा का जन्म पटना में हुआ था। पढ़ाई के साथ राजनीति की शुरुआत भी उन्होंने पटना से ही किया। अध्यक्ष-इन-मेकिंग नितिन नवीन का भी पटना से गहरा ताल्लुक है।

बिहार के नवादा के मूल निवासी और पटना में पले-बढ़े नितिन नवीन बीजेपी के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए गए हैं। माना जा रहा है कि खरमास बाद उन्हें शीर्ष ओहदे(राष्ट्रीय अध्यक्ष) का जिम्मा दिया जा सकता है। नितिन नवीन डॉ राजेन्द्र के बाद राष्ट्रीय पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने वाले पहले राजनेता बन गए हैं। हालांकि बीजेपी के वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का भी पटना से गहरा नाता है।
विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने वाले पहले बिहारी नितिन नवीन पुस्तैनी तौर पर नवादा के रजौली थाना के अमावा गांव के निवासी हैं। उनके पिता नवीन किशोर सिन्हा पटना वेस्ट के विधायक थे और पटना और रांची में रहते थे। उनका जन्म 23 मई 1980 को रांची(अब झारखंड की राजधानी) में हुआ। झारखंड बंटवारे के बाद नितिन पटना में रहने लगे। पिता के निधन के बाद 2006 में उन्होंने पटना पश्चिम की कमान संभाली जो 2008 के परिसीमन के बाद बांकीपुर बन गया। नितिन नवीन 2010 से यहां के विधायक हैं। नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल में वे फिलहाल नगर विकास आवास और पथ निर्माण विभाग के मंत्री हैं। वे पहले भी मंत्री रह चुके हैं। पटना में रहते हुए संगठन में राष्ट्रीय स्तर पर भी सक्रिय है।
भारतीय जनता पार्टी के मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष ध्यक्ष जेपी नड्डा का भी पटना से खास कनेक्शन है। उनके पिता नारायण लाल नड्डा पटना यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर थे। बाद में वे पटना और रांची यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर भी बने। नड्डा का जन्म 2 दिसम्बर 1960 को पटना में हुआ। उन्होंने राजनीति भी बिहार से ही शुरू हुई थी। 1975 में पटना विश्वविद्यालय में छात्र रहते हुए वे जेपी आन्दोलन में शामिल हो गए। नड्डा की पढाई पटना के सेंटजेवियर कॉलेज से शुरू हुई। पटना कॉलेज से उन्होंने ग्रेजुएशन और हिमाचल प्रदेश से लॉ की पढ़ाई की। 1977 में एबीवीपी कार्यकर्ता के रूप में पटना यूनिवर्सिटी छात्र संघ के सचिव का चुनाव जीता। 1987 में सरकार विरोधी गतिविधि के आरोप में 45 दिनों के लिए जेल भी गए। वे पटना यूनिवर्सिटी के छात्र के रूप में अच्छे खिलाड़ी भी रहे। नड्डा जब भी बिहार आते हैं तो पटना में बिताए गए दिनों को याद करना नहीं भूलते।
लेखक के बारे में
Sudhir Kumarटीवी, प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में लगभग 18 साल का अनुभव रखने वाले सुधीर कुमार लाइव हिन्दुस्तान में अगस्त 2021 से बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर/को-ऑर्डिनेटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में हिन्दुस्तान दैनिक से इंटर्न के रूप में करियर की शुरुआत की। सुधीर ने लंबे समय तक ईटीवी/न्यूज18 में रिपोर्टर के रूप में बिहार और झारखंड में काम किया। दोनों राज्यों की राजनीति के साथ क्राइम, भूगोल और कल्चर की समझ रखते हैं। झारखंड में नक्सली वारदातों की कवरेज के साथ बिहार के चर्चित बालिकागृह कांड की पहली टीवी रिपोर्टिग कर गुनाहगारों का चेहरा उजागर किया। सुधीर ने स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के मुद्दों को कवर किया है और ह्यूमैन रिलेशन्स पर भी लिखते हैं। साइंस बैकग्राउंड के विद्यार्थी सुधीर कुमार ने इंदिरा गांधी नैशनल ओपन यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा किया है। डिजिटल कंटेंट क्रिएशन में खास रूचि रखते।
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