
बिहार में पेंटावेलेंट वैक्सीन लगने के बाद बच्ची की मौत, परिजनों का हंगामा; स्वास्थ्य विभाग दे रहा सफाई
परिजनों के अनुसार स्वास्थ्य विभाग की टीम की ओर से गोबड्डा पंचायत के वार्ड संख्या 09 शिवपुर लौंगाय तांती टोला निवासी कार्तिक तांती की डेढ़ माह की पुत्री सरस्वती कुमारी को बुधवार को एएनएम शीला शबनम ने पेंटावेलेंट वैक्सीन दिया था। गांव में कुल 11 बच्चे-बच्चियों को वैक्सीन दिया गया था।
बिहार के मुंगेर जिले में हवेली खड़गपुर प्रखंड की गोबड्डा पंचायत के वार्ड- 09 के शिवपुर लौंगाय तांती टोला स्थित एक घर में गुरुवार की सुबह डेढ़ माह की एक दुधमुंही बच्ची की मौत हो गई। घटना को लेकर बच्ची के परिजनों और ग्रामीणों ने हंगामा किया। पीड़ित परिजनों का आरोप था कि बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से बच्ची को पेंटावेलेंट वैक्सीन दी गई थी जिसके बाद गुरुवार सुबह उसकी मौत हो गई।
इधर ग्रामीणों के हंगामे की सूचना पर शामपुर थाना पुलिस के अलावा डबल्यूएचओ, यूनिसेफ और स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। टीम ने मौत की वजह दम घुटना बताया। वहीं मामले में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुबोध कुमार ने बताया कि वैक्सीन से बच्ची की मौत का कोई संबंध नहीं है। बुधवार को बच्ची को वैक्सीन दिए जाने के बाद देर रात उसकी मां ने उसे दूध पिलाया और ढककर सुला दिया जिस वजह से बच्ची की दम घुटने से मौत हो गई।
वैक्सीन से नहीं, दम घुटने से बच्ची की हुई मौत
चिकित्सकों की टीम पूरी जांच के बाद मौत की असली वजह दम घुटना बता रही है। बच्ची के परिजनों के अनुसार स्वास्थ्य विभाग की टीम की ओर से गोबड्डा पंचायत के वार्ड संख्या 09 शिवपुर लौंगाय तांती टोला निवासी कार्तिक तांती की डेढ़ माह की पुत्री सरस्वती कुमारी को बुधवार को एएनएम शीला शबनम ने पेंटावेलेंट वैक्सीन दिया था। गांव में कुल 11 बच्चे-बच्चियों को वैक्सीन दिया गया था। देर रात दूध पिलाने के बाद उसकी मां ने उसे सुला दिया। गुरुवार सुबह बच्ची की मौत हो गई। इसको लेकर बच्ची के परिजनों और ग्रामीणों ने हंगामा किया। हंगामा की सूचना पर गुरुवार को मौके पर पहुंची शामपुर पुलिस ने भी नाराज लोगों को समझाया।
वहीं सूचना पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम का कहना है कि पेंटावेलेंट वैक्सीन शिशुओं को पांच प्रमुख जानलेवा बीमारियों-डिप्थीरिया, टेटनस, काली खांसी , हेपेटाइटिस बी और हीमोफिलस इन्फ्लुएंजा टाइप बी से सुरक्षा प्रदान करता है। इससे शिशु को कोई नुकसान नहीं हो सकता।





