काम की बात: बिहार में राशन दुकानों पर मिलेगा कोयला, एलपीजी संकट के बीच सम्राट सरकार का फैसला
ईरान युद्ध के चलते आए एलपीजी संकट के बीच बिहार में अब राशन कार्ड धारकों को पीडीएस दुकानों पर कोयला की आपर्ति की जाएगी। सरकार ने इस संबंध में उचित कदम उठाए हैं। जल्द ही यह व्यवस्था शुरू कर दी जाएगी।

ईरान युद्ध से उपजे एलपीजी संकट के बीच बिहार में अब राशन दुकानों पर कोयला मिलेगा। सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार ने आम जनता को सहूलियत देते हुए यह फैसला लिया है। इस संबंध में खान एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की ओर से दिशानिर्देश जारी कर दिए गए हैं। राशन कार्ड धारक खाना पकाने के लिए जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकानों से कुकिंग कोयला खरीद सकेंगे। खाद्य सुरक्षा योजना से जुड़े बिहार के दो करोड़ से ज्यादा परिवारों को यह सुविधा मिलेगी।
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह ने मंगलवार को इस संबंध में खान एवं भूतत्व विभाग और परिवहन विभाग के साथ ही सभी जिलों के डीएम को पत्र लिखा। उन्होंने संबंधित विभागों से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियिम के लाभार्थियों को पीडीएस दुकानों के जरिए कुकिंग कोयला उपलब्ध कराने को लेकर जारी दिशानिर्देशों के तहत आवश्यक कार्यवाही करने को कहा है।
इस पत्र में कहा गया है कि दक्षिण पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण ऊर्जा का सप्लाई चेन प्रभावित हुआ है। इससे बिहार के लोगों को खाना पकाने के लिए रसोई गैस की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। एलपीजी सिलेंडर की कमी के निवारण को खाना पकाने के लिए वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत के रूप में कोयला की आपूर्ति की जाएगी। इसलिए पूर्व में जारी दिशानिर्देशों के तहत खाद्य सुरक्षा योजना के लाभार्थियों को पीडीएस दुकानों के जरिए कुकिंग कोयला की आपर्ति और वितरण कराया जाए।
लोग ब्लैक में कोयला लेने को मजबूर, दाम भी बढ़े
ईरान युद्ध शुरू होने के बाद जैसे ही एलपीजी संकट शुरू हुआ, बिहार में कोयले का अवैध कारोबार बढ़ गया है। लोग मजबूरन ब्लैक में कोयला खरीदने को मजबूर हैं। झारखंड से बिहार में कोयले की जमकर तस्करी हो रही है। कोयले के दाम भी 35 से 40 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। ब्लैक मार्केट में कोयला 100 से 120 रुपये प्रति पांच किलोग्राम की दर से मिल रहा है। अब पीडीएस दुकानों पर उचित दर पर कोयला मिलने से लोगों को एलपीजी से हटकर दूसरे ईंधन का विकल्प मिल सकेगा।
केरोसिन तेल देने का भी हुआ था फैसला
पिछले दिनों एलपीजी संकट के बीच पीडीएस दुकानों से केरोसिन तेल का वितरण करने का भी फैसला लिया गया था। हालांकि, इसमें कई तरह की चुनौतियां का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन के पास तेल कंपनियों से जो केरोसिन आ रहा है, उन्हें दुकानदारों और आवश्यक सेवाओं के लिए वितरित किया जा रहा है। इस वजह से अभी तक अधिकतर राशन दुकानों पर केरोसिन सप्लाई शुरू नहीं हो पाई है।
लेखक के बारे में
Jayesh Jetawatजयेश जेतावत एक अनुभवी, जुझारू एवं निष्पक्ष पत्रकार हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं की रिपोर्टिंग एवं संपादन में महारत हासिल है। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। तकनीकी रूप से निपुण जयेश, तथ्यों की बारीकी से जांच कर समयसीमा के भीतर पाठकों तक सटीक खबरें एवं शोध-परक विश्लेषण पहुंचाते हैं। जनसरोकार के मुद्दे उठाना, पेशेवर नैतिकता का पालन करना, समाज एवं मानव कल्याण के प्रति जिम्मेदारी, इन्हें और भी योग्य बनाती है। भाषा पर इनकी अच्छी पकड़ है। जटिल मुद्दों को पाठकों एवं दर्शकों तक आसान शब्दों में पहुंचाना इनकी खूबी है।
जयेश जेतावत मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इसके बाद ईटीवी भारत में बतौर प्रशिक्षु समाचार संपादक के रूप में काम शुरू किया। फिर इंडिया न्यूज के डिजिटल सेक्शन में विभिन्न बीट कवर की। इसके बाद, वे2न्यूज में बतौर टीम लीडर तीन राज्यों की कमान संभाली। साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े, तब से यहां बिहार की खबरों को कवर कर रहे हैं। जयेश ने टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव इंडिया न्यूज चैनल और सी-वोटर रिसर्च एजेंसी में इंटर्नशिप भी की। पटना से प्रकाशित मैगजीन राइजिंग मगध में समसामयिक विषयों पर इनके लेख छपते रहे हैं। समाचार लेखन के अलावा जयेश की साहित्यिक पठन एवं लेखन में रुचि है, सामाजिक मुद्दों पर कई लघु कथाएं लिख चुके हैं।


