मोटे ही नहीं, बच्चे और दुबले-पतले युवा भी हो रहे फैटी लिवर के शिकार; रिपोर्ट ने उड़ाए होश

लाइव हिन्दुस्तान, भागलपुर
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मायागंज अस्पताल की रिपोर्ट के अनुसार, अब मोटे ही नहीं बल्कि दुबले-पतले युवा और बच्चे भी फैटी लिवर के शिकार हो रहे हैं। बीते चार महीनों में ऐसे 65 मरीज मिले हैं। डॉक्टरों ने जंक फूड और खराब लाइफस्टाइल को इसकी मुख्य वजह बताया है, जो आगे चलकर लिवर सिरोसिस जैसी जानलेवा बीमारी बन सकती है।

मोटे ही नहीं, बच्चे और दुबले-पतले युवा भी हो रहे फैटी लिवर के शिकार; रिपोर्ट ने उड़ाए होश

Health News: अगर आप यह सोचते हैं कि फैटी लिवर की समस्या केवल ज्यादा वजन वाले या मोटे लोगों को ही होती है, तो आप गलत हैं। भागलपुर के मायागंज अस्पताल (JLNMCH) के ताज़ा आंकड़े डराने वाले हैं, जहाँ बीते चार महीनों में ओपीडी में आए 65 ऐसे मरीज मिले हैं जो मोटे नहीं बल्कि बिल्कुल दुबले-पतले थे, फिर भी वे फैटी लिवर की गंभीर बीमारी की चपेट में आ चुके हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें केवल बुजुर्ग ही नहीं, बल्कि 18 से 45 साल के 50 युवा और 11 से 16 साल के 15 बच्चे भी शामिल हैं। इन मरीजों को न तो शुगर थी, न बीपी और न ही किडनी की कोई समस्या, फिर भी इनका लिवर जवाब दे रहा था। डॉक्टरों का कहना है कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, चिकन-मटन का ज्यादा शौक और शराब-सिगरेट की लत दुबले लोगों के लिवर को भी अंदर ही अंदर खोखला कर रही है।

खानपान और खराब लाइफस्टाइल बड़ी वजह

लिवर खराब होने का सबसे बड़ा कारण हमारा खानपान और खराब लाइफस्टाइल है। आज के समय में युवा और बच्चे घर के खाने के बजाय पैकेट बंद फ्रोजन फूड, जंक फूड और मैदे से बनी चीजों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं, जो सीधे लिवर पर हमला करते हैं। गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट डॉ. राजीव सिन्हा के मुताबिक, पेट में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया जब खराब खाने की वजह से खत्म होने लगते हैं, तो लिवर के एंजाइम्स बिगड़ जाते हैं। शुरुआत में लोग इसे मामूली गैस या पेट की खराबी समझकर इग्नोर कर देते हैं, लेकिन यही लापरवाही आगे चलकर लिवर सिरोसिस जैसी जानलेवा बीमारी में बदल जाती है।

30 मिनट एक्सरसाइज रोज करें

इस गंभीर समस्या से बचने के लिए डॉक्टरों ने कुछ आसान उपाय बताए हैं जिन्हें अपनाकर लिवर को सुरक्षित रखा जा सकता है। इनमें सबसे पहले पैकेट वाले खाने और बाहर के जंक फूड से पूरी तरह तौबा कर लेनी चाहिए। खाने में ऐसी चीजें शामिल करें जिनमें फाइबर ज्यादा हो, जैसे हरी सब्जियां और फल, लेकिन इन्हें खाने से पहले अच्छी तरह धोना बहुत जरूरी है ताकि कीटनाशकों का असर खत्म हो सके। इसके साथ ही, रोजाना कम से कम 30 मिनट एक्सरसाइज या शारीरिक मेहनत करना सबसे जरूरी है। अगर आपको बार-बार गैस बन रही है या पेट भारी लग रहा है, तो इसे मामूली समस्या न समझें और तुरंत अल्ट्रासाउंड करवाएं, क्योंकि समय पर पहचान ही लिवर को सड़ने से बचा सकती है।

Jayendra Pandey

लेखक के बारे में

Jayendra Pandey
अदम गोंडवी के शहर गोण्डा से ताल्लुक रखने वाले जयेंद्र पाण्डेय मेनस्ट्रीम मीडिया में अपनी अलग पहचान बना रहे एक ऊर्जावान युवा पत्रकार हैं। वर्तमान में ’हिन्दुस्तान’ (Hindustan Times Group) के साथ जुड़कर जनसरोकार की खबरों को कवर कर रहे जयेंद्र ने नोएडा के प्रतिष्ठित संस्थान जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता की बारीकियां सीखीं और अपने करियर का आगाज ‘जी न्यूज’ की नेशनल टीम में इंटर्नशिप से किया। इसके बाद उन्होंने ’दैनिक भास्कर’ में बतौर ट्रेनी फीचर और स्पेशल स्टोरीज पर काम करते हुए कंटेंट की बारीकियों को समझा। अपनी पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग में अपना लोहा मनवाया, जिसमें नोएडा ट्विन टावर डिमोलिशन से लेकर बृजभूषण शरण सिंह बनाम पहलवानों के धरने तक कई हाई-प्रोफाइल इवेंट्स की ग्राउंड रिपोर्टिंग और अन्य कई स्पेशल स्टोरीज शामिल हैं। वर्तमान में वे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर 'हिन्दुस्तान' की बिहार टीम के लिए राजनीति, क्राइम और जनसरोकार से जुड़ी बड़ी खबरों को बेहद आक्रामकता और गहराई के साथ कवर कर रहे हैं। मीडिया के साथ-साथ जयेंद्र का रुझान पॉलिटिकल कंसल्टेंसी की ओर भी है। वे चुनावी समीकरणों और रणनीतिक प्रबंधन की अच्छी समझ रखते हैं। और पढ़ें
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