
हिजाब नहीं, तो खरीदारी नहीं; बिहार के ज्वेलरी दुकानदारों को जमात ए इस्लामी की दो-टूक
बिहार में ज्वेलरी दुकानदारों में चेहरा ढककर खरीदारी करने पर रोक लगाए जाने के बाद मुस्लिम संगठन जमात-ए-इस्लामी हिंद ने कहा कि अगर महिलाओं को हिजाब पहनने से रोका जाएगा, तो वे खरीदारी नहीं करेंगी।
बिहार में ज्वेलरी दुकानदारों द्वारा हिजाब और नकाब पहने लोगों को गहनों की खरीदारी पर रोक लगाने के बाद सियासी पारा गर्मा गया है। अब मुस्लिम संगठनों की भी इस पर प्रतिक्रिया आने लगी है। जमात-ए-इस्लामी हिंद ने सर्राफा व्यापारियों को दो-टूक जवाब देते हुए कहा कि अगर हिजाब पहनने वाली मुस्लिम महिलाओं को खरीदारी से रोका जाता है, तो वे सोना, चांदी या अन्य गहने नहीं खरीदेंगी।
जमात-ए-इस्लामी हिंद के बिहार अध्यक्ष मौलाना रिजवान इस्लाही ने बुधवार को ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्ड स्मिथ फेडरेशन (AIJGF) के फैसले पर यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कारोबार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिहाज से आभूषण व्यवसायी ग्राहकों से चेहरे को ढके बगैर खरीदारी करने का अनुरोध कर सकते हैं। इसमें कोई बुराई नहीं।
उन्होंने आगे कहा कि जहां तक हिजाब का सवाल है तो इस्लाम में महिलाओं के लिए पर्दा का प्रावधान है। मुस्लिम महिलाएं इस पर कायम हैं। यदि हिजाब पहनने वाली महिलाओं को खरीदारी से रोका जाता है तो वे खरीदारी नहीं करेंगी। अपने धार्मिक मूल्यों से कोई भी समझौता नहीं कर सकता है।
बिहार पहला राज्य जहां लगा ऐसा बैन
दरअसल, एआईजेजीएफ ने फैसला लिया है कि हिजाब, नकाब, घूंघट, मास्क या हेलमेट पहनकर ज्वेलरी दुकान में आने वाले लोगों को सोना-चांदी या अन्य आभूषण का व्यापार नहीं किया जाएगा। फेडरेशन के बिहार अध्यक्ष अशोक वर्मा ने बिहार के सभी जिलाध्यक्षों के साथ ऑनलाइन बैठक में इस फैसले से अवगत कराया। इस फैसले को पूरे राज्य के सर्राफा कारोबारी सदस्यों के लिए अनिवार्य किया गया है। राज्य स्तर पर ऐसा नियम लागू करने वाला बिहार पहला प्रदेश होगा।
अशोक वर्मा का कहना है कि झांसी (यूपी) और जोधपुर (राजस्थान) के व्यापारी भी जिला स्तर पर यह नियम पहले लागू कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई पुरुष या महिला ज्वेलरी दुकान या शोरूम में अपना चेहरा ढककर आएंगे, तो व्यापारी उनसे इसे हटाने का अनुरोध किया जाएगा। इसका मकसद कारोबारियों की जान-माल की सुरक्षा करना है।
इसलिए बनाया नियम
उन्होंने कहा कि बीते दिनों बुर्का और हिजाब पहने कुछ अपराधियों ने मुंबई में सर्राफा दुकान में लूटपाट की थी। कई अन्य जगहों पर भी नकाबपोश बदमाश ज्वेलरी शॉप लूट चुके हैं। चेहरा खुला हो तो ग्राहकों की पहचान आसान हो जाती है। चेहरा ढका होता है तो उनकी पहचान सीसीटीवी कैमरों से भी नहीं हो पाती है। इसी के चलते यह फैसला लिया गया है।
(हिन्दुस्तान के प्रधान संवाददाता की रिपोर्ट के आधार पर)

लेखक के बारे में
Jayesh Jetawatजयेश जेतावत बिहार में राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं पर गहराई से नजर रखते हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर के मुद्दे पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। जयेश मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं और लाइव हिन्दुस्तान में 4 साल से बिहार टीम का हिस्सा हैं। इससे पहले ईटीवी भारत, इंडिया न्यूज, वे2न्यूज और टाइम्स ऑफ इंडिया में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। समाचार लेखन के अलावा साहित्यिक पठन-लेखन में रुचि है।
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