साइबर अपराधियों की अब खैर नहीं, जीविका दीदियों संग ऐक्शन में बिहार पुलिस; प्लान तैयार

Jayendra Pandey हिन्दुस्तान, पटना
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Cyber Crime In Bihar: पटना साइबर पुलिस ग्रामीण इलाकों में बढ़ते साइबर अपराध को रोकने के लिए जीविका दीदियों को ट्रेन करेगी। अगले माह से शुरू होने वाले इस अभियान में डिजिटल ठगी से बचने के गुर सिखाए जाएंगे।

साइबर अपराधियों की अब खैर नहीं, जीविका दीदियों संग ऐक्शन में बिहार पुलिस; प्लान तैयार

Cyber Crime In Bihar: बिहार में तेजी से पांव पसार रहे साइबर अपराध पर लगाम लगाने के लिए पटना साइबर पुलिस ने एक बेहद अनोखी और प्रभावी पहल की शुरुआत की है। शहरी इलाकों के बाद अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसे देखते हुए पुलिस ने गांव-गांव और घर-घर तक अपनी गहरी पहुंच रखने वाली जीविका दीदियों की बड़ी फौज की मदद लेने का फैसला किया है। डिजिटल युग में साइबर ठगों के नए और शातिर पैंतरों से भोले-भाले ग्रामीणों को बचाने के लिए अब ये जीविका दीदियां एक मजबूत ढाल बनकर मैदान में उतरेंगी। इन जीविका दीदियों को लोगों को साइबर क्राइम से बचने के बारे में जागरूक करने के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी।

अगले महीने से शुरू होगी ट्रेनिंग

आंकड़ों पर गौर करें तो पटना जिले में साइबर अपराध के ग्राफ में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। केवल पिछले साल ही पटना में साइबर ठगी के करीब 2500 नए मामले दर्ज किए गए थे। पहले ये घटनाएं मुख्य रूप से शहरी क्षेत्रों तक सीमित हुआ करती थीं, लेकिन स्मार्टफोन और डिजिटल लेन-देन के बढ़ते चलन के कारण अब ग्रामीण इलाकों के लोग भी तेजी से इन शातिर अपराधियों के जाल में फंस रहे हैं। पटना साइबर पुलिस के एसपी नीतीश चंद्र धारिया के अनुसार, जीविका दीदियों का एक बहुत बड़ा और संगठित समूह है, जिसकी पहुंच हर पंचायत और गांव तक है। इसलिए उन्हें ट्रेनिंग कर साइबर अपराध के प्रति जागरूकता फैलाने का महत्वपूर्ण जिम्मा सौंपा जा रहा है। गांव और पंचायत स्तर पर इन दीदियों की एक विशेष टीम बनाई जा रही है।

फर्जी लिंक और ओटीपी शेयर न करने की दी जाएगी जानकारी

इस ट्रेनिंग के दौरान जीविका दीदियों को साइबर ठगी के हर उस तरीके के बारे में विस्तार से बताया जाएगा, जिनका इस्तेमाल आजकल अपराधी आम लोगों को फंसाने के लिए कर रहे हैं। उन्हें खास तौर पर यह सिखाया जाएगा कि मोबाइल पर आने वाली किसी भी अनजान 'एपीके' (APK) फाइल पर भूलकर भी क्लिक न करें। सोशल मीडिया पर आने वाले अनजान लिंक्स या लुभावनी वेबसाइट्स पर भरोसा न करें और गूगल पर सर्च करके कस्टमर केयर का नंबर निकालने से बचें। इसके अलावा, ग्रामीणों को किसान क्रेडिट कार्ड, पारिवारिक पेंशन, पीएम किसान योजना और स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के नाम पर होने वाले ऑनलाइन फर्जीवाड़े से भी अलर्ट किया जाएगा।

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लेखक के बारे में

Jayendra Pandey
अदम गोंडवी के शहर गोण्डा से ताल्लुक रखने वाले जयेंद्र पाण्डेय मेनस्ट्रीम मीडिया में अपनी अलग पहचान बना रहे एक ऊर्जावान युवा पत्रकार हैं। वर्तमान में ’हिन्दुस्तान’ (Hindustan Times Group) के साथ जुड़कर जनसरोकार की खबरों को कवर कर रहे जयेंद्र ने नोएडा के प्रतिष्ठित संस्थान जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता की बारीकियां सीखीं और अपने करियर का आगाज ‘जी न्यूज’ की नेशनल टीम में इंटर्नशिप से किया। इसके बाद उन्होंने ’दैनिक भास्कर’ में बतौर ट्रेनी फीचर और स्पेशल स्टोरीज पर काम करते हुए कंटेंट की बारीकियों को समझा। अपनी पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग में अपना लोहा मनवाया, जिसमें नोएडा ट्विन टावर डिमोलिशन से लेकर बृजभूषण शरण सिंह बनाम पहलवानों के धरने तक कई हाई-प्रोफाइल इवेंट्स की ग्राउंड रिपोर्टिंग और अन्य कई स्पेशल स्टोरीज शामिल हैं। मीडिया के साथ-साथ जयेंद्र का रुझान पॉलिटिकल कंसल्टेंसी की ओर भी है। वे चुनावी समीकरणों और रणनीतिक प्रबंधन की अच्छी समझ रखते हैं। और पढ़ें
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