सरकार में आने से पहले पार्टी का काम सीख रहे नीतीश के बेटे, JDU में सुपर एक्टिव हैं निशांत
नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार सरकार में आने से पहले पार्टी का कामकाज सीख रहे हैं। जदयू जॉइन करने के बाद से वे सुपर एक्टिव हैं। लगातार पार्टी नेताओं के साथ बैठकें कर रहे हैं और कार्यक्रमों में शामिल हो रहे हैं।
Nishant Kumar JDU: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार राजनीति में कदम रखने के बाद लगातार सक्रिय हैं। सरकार में आने से पहले वे पार्टी का काम सीख रहे हैं। शनिवार सुबह उन्होंने केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह से उनके आवास पर मुलाकात की। इससे पहले शुक्रवार को निशांत ने जनता दल यूनाइटेड के विभिन्न प्रकोष्ठों के अध्यक्षों के साथ बैठक की। हालांकि पार्टी सूत्रों ने इसे औचारिक मुलाकात बताया है। उनके अनुसार पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने के बाद निशांत लगातार पार्टी संगठन को लेकर सक्रिय हैं। वे जदयू की कार्यप्रणाली को करीब से समझ रहे हैं।
पिछले दिनों निशांत कुमार ने जेडीयू के जिलाध्यक्षों के साथ बैठक की थी। इसके अलावा प्रदेश पदाधिकारियों के साथ भी वे मुलाकात कर चुके हैं। रविवार को वे पार्टी प्रवक्ताओं के साथ बैठक करेंगे। इन मुलाकातों के माध्यम से वे जेडीयू नेताओं के विचार जान रहे हैं। साथ ही उनसे भविष्य को लेकर सुझाव भी ले रहे हैं। बीते तीन-चार दिनों तक वे एनडीए नेताओं की इफ्तार पार्टियों में भी नजर आए थे।
नीतीश के राज्यसभा जाने के फैसले के बाद राजनीति में आए निशांत
नीतीश कुमार के बेटे अब तक राजनीति से दूर रहे। नीतीश ने पिछले दिनों जब राज्यसभा जाने का फैसला लिया, तो उनके उत्तराधिकारी के रूप में निशांत ने राजनीति में कदम रखा। उन्होंने 8 मार्च को औपचारिक रूप से जदयू की सदस्यता ग्रहण की। नीतीश कुमार राज्यसभा चुनाव जीत गए हैं। संभावना है कि अगले महीने वे बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे। इसके बाद बिहार में एनडीए की नई सरकार का गठन होगा और बिहार को नया सीएम मिलेगा।
निशांत की सरकार में क्या भूमिका होगी?
जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा ने पिछले दिनों दिल्ली में मीडिया से बातचीत में स्वीकार किया था कि निशांत कुमार बिहार सरकार का हिस्सा बनेंगे। हालांकि, सरकार में उनकी क्या भूमिका होगी, यह अभी तय नहीं हुआ है। समय आने पर इस पर फैसला लिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि निशांत अभी बिहार यात्रा निकालेंगे, वे लगातार सक्रिय हैं और पार्टी के कामकाज को समझ रहे हैं। जदयू में निशांत को निकट भविष्य में कोई पद दिया जाएगा या नहीं, इस पर भी अभी कोई फैसला नहीं हुआ है।
दूसरी ओर, सियासी गलियारों में चर्चा चल रही है कि बिहार का अगला सीएम भारतीय जनता पार्टी से हो सकता है। नीतीश सरकार में भाजपा के सर्वाधिक 89 विधायक हैं। अगर सीएम भाजपा का होगा तो पूरी संभावना है कि जदयू से एक या दो डिप्टी सीएम बनाए जा सकते हैं। निशांत का नाम अगले डिप्टी सीएम की रेस में भी चल रहा है।
हालांकि, एनडीए के अंदर अभी तक नए सीएम और नई सरकार को लेकर औपचारिक रूप से कोई चर्चा नहीं हुई है। भाजपा एवं जदयू के नेताओं का कहना है कि आने वाले दिनों में एनडीए के शीर्ष नेता मिलकर ये सब तय करेंगे। तब तक अटकलों का दौर जारी रहेगा।
(हिन्दुस्तान ब्यूरो के इनपुट के साथ)
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Jayesh Jetawatजयेश जेतावत एक अनुभवी, जुझारू एवं निष्पक्ष पत्रकार हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं की रिपोर्टिंग एवं संपादन में महारत हासिल है। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। तकनीकी रूप से निपुण जयेश, तथ्यों की बारीकी से जांच कर समयसीमा के भीतर पाठकों तक सटीक खबरें एवं शोध-परक विश्लेषण पहुंचाते हैं। जनसरोकार के मुद्दे उठाना, पेशेवर नैतिकता का पालन करना, समाज एवं मानव कल्याण के प्रति जिम्मेदारी, इन्हें और भी योग्य बनाती है। भाषा पर इनकी अच्छी पकड़ है। जटिल मुद्दों को पाठकों एवं दर्शकों तक आसान शब्दों में पहुंचाना इनकी खूबी है।
जयेश जेतावत मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इसके बाद ईटीवी भारत में बतौर प्रशिक्षु समाचार संपादक के रूप में काम शुरू किया। फिर इंडिया न्यूज के डिजिटल सेक्शन में विभिन्न बीट कवर की। इसके बाद, वे2न्यूज में बतौर टीम लीडर तीन राज्यों की कमान संभाली। साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े, तब से यहां बिहार की खबरों को कवर कर रहे हैं। जयेश ने टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव इंडिया न्यूज चैनल और सी-वोटर रिसर्च एजेंसी में इंटर्नशिप भी की। पटना से प्रकाशित मैगजीन राइजिंग मगध में समसामयिक विषयों पर इनके लेख छपते रहे हैं। समाचार लेखन के अलावा जयेश की साहित्यिक पठन एवं लेखन में रुचि है, सामाजिक मुद्दों पर कई लघु कथाएं लिख चुके हैं।


