
Nitish Sarkar: 3 इंजीनियर, सात 12वीं पास तो 4 पीएचडी; नीतीश की नई टीम में कौन कितना पढ़ा-लिखा
Nitish Sarkar: नवगठित मंत्रिपरिषद में एक को छोड़ बाकी बारहवीं से इंजीनियरिंग डिग्रीधारी तक शामिल हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (अब एनआईटी पटना) से विद्युत इंजीनियरिंग में डिग्री प्राप्त हैं।
Nitish Sarkar: बिहार में नई सरकार ने आकार ले लिया है। गुरुवार को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में नीतीश कुमार और उनके मंत्रिमंडल सहयोगियों ने पद और गोपनीयता की शपथ पीएम नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में ली। नवगठित मंत्रिपरिषद में एक को छोड़ बाकी बारहवीं से इंजीनियरिंग डिग्रीधारी तक शामिल हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (अब एनआईटी पटना) से विद्युत इंजीनियरिंग में डिग्री प्राप्त हैं। वहीं, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा बेगूसराय पॉलिटेक्निक कॉलेज से सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा हैं, जबकि दीपक प्रकाश ने मणिपाल यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस से बीटेक हैं। मंत्रिपरिषद में शामिल सिर्फ एक मंत्री नारायण प्रसाद बेतिया से 1972 में मैट्रिक परीक्षा उत्तीर्ण हैं।

सम्राट के पास डॉक्टरेट की मानद उपाधि
नवगठित मंत्रिपरिषद में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को डॉक्टरेट की मानद उपाधि प्राप्त है। चार मंत्रियों ने उच्चतर शिक्षा के तहत पीएचडी की डिग्री हासिल की है। इनमें दिलीप कुमार जायसवाल ने बीएनएम विश्वविद्यालय मधेपुरा से पीएचडी की डिग्री हासिल की है। अशोक चौधरी, संतोष कुमार सुमन, डॉ. प्रमोद कुमार ने भी पीएचडी की डिग्री हासिल कर रखी है।
स्नातकोत्तर चार तो स्नातक तक शिक्षा प्राप्त सात मंत्री
मंत्रिमंडल में स्नातकोत्तर की योग्यता रखने वाले चार तो स्नातक तक की शिक्षा प्राप्त सात मंत्री शामिल हैं। स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त मंत्रियों में विजय कुमार चौधरी, सुनील कुमार, अरुण शंकर प्रसाद और श्रेयसी सिंह शामिल हैं। स्नातक स्तर की शिक्षा प्राप्त मंत्रियों में मंगल पांडेय, मदन सहनी, रामकृपाल यादव, संजय सिंह टाइगर, लखेंद्र कुमार रौशन, संजय कुमार और संजय कुमार सिंह शामिल हैं।
छह पहले भी मंत्री रह चुके हैं
राज्य मंत्रिपरिषद में सात मंत्री 12वीं तक शिक्षित हैं। इनमें बिजेंद्र प्रसाद यादव, श्रवण कुमार, लेशी सिंह, नितिन नवीन, जमा खान, सुरेंद्र मेहता, रमा निषाद शामिल हैं। इनमें रमा निषाद पहली बार विधायक बनी और मंत्री भी बनाई गई, जबकि शेष छह मंत्री पहले भी राज्य सरकार में मंत्री रह चुके हैं।





