
नीतीश मेरे अभिभावक, राज्यसभा चुनाव से पहले दही-चू़ड़ा भोज में बदले आरसीपी सिंह के बोल
आरसीपी सिंह ने कहा कि 25 वर्षों में उन्होंने बिहार का जो विकास किया है वह ऐतिहासिक है। यह बात उन्होंने तब कही जब एक ही आयोजन में दोनों के बीच बात नहीं हुई।
RCP Nitish Kumar News: पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह ने कहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मेरे अभिभावक हैं। लंबे समय तक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का प्रशासनिक और राजनीतिक साथ रहा है। 25 वर्षों में उन्होंने बिहार का जो विकास किया है वह ऐतिहासिक है। यह बात उन्होंने तब कही जब एक ही आयोजन में दोनों के बीच बात नहीं हुई। राज्य सभा चुनाव स पहले आरसीपी सिंह के बोल बदले-बदले से नजर आ रहे हैं। कभी नीतीश कुमार के खिलाफ उनके तीखे बयान सुर्खियों में रहते थे। पूर्व नौकरशाह आरसीपी सिंह फिलहाल प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी में हैं।
आरसीपी सिंह रविवार को दरोगा राय पथ स्थित पटेल भवन में आयोजित दही-चूड़ा भोज के मौके पर ये बातें कही। इस भोज में आरसीपी सिंह समेत कई राजनेता, कार्यकर्ता और आमलोग शामिल हुए। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी कार्यक्रम में शामिल हुए थे। हालांकि, आरसीपी से उनकी कार्यक्रम के दौरान मुलाकात नहीं हुई। कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत जदयू महासचिव रणविजय कुमार और जितेंद्र पटेल ने किया। मौके पर विधान पार्षद अनामिका सिंह पटेल समेत सीमा पटेल, इर्शादुल्लाह, रामचरित्र प्रसाद, अरविंद सिंह, इन्द्रजीत पटेल, राधिका पटेल, ललिता पटेल, संजू कुमारी, सतेन्द्र सिंह आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
आरसीपी सिंह राज्यसभा सदस्य रह चुके हैं। फिर राज्यसभा चुनाव सामने है। इससे पहले वे नीतीश कुमार को अपना अभिभावक बताने लगे हैंं। आरसीपी के नाम से चर्चित रामचंद्र प्रसाद सिंह की नौकरशाही के दौर में नीतीश कुमार से इतनी करीबी हुई कि सीएम ने उन्हें जदयू में शामिल कर लिया। नीतीश कुमार के सबसे विश्वस्त नेताओं में उनका नाम शामिल हो गया। उन्हें नीतीश कुमार ने पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष भी बना दिया। केंद्र में मंत्री बनाए गए। लेकिन बदलते राजनैतिक हालात में दोनों के बीच इतनी दूरी हो गई कि आरसीपी ने जदयू छोड़ दिया और भाजपा में शामिल हो गए।
आरसीपी ने अपनी पार्टी भी बना ली। लेकिन बिहार विधानसभा चुनाव से पहले वे प्रशांत किशोर के साथ चले गए। जन सुराज पार्टी में उनका जोरदार स्वागत हुआ। उनकी बेटी को टिकट दिया गया पर जन सुराज के सभी उम्मीदवार चुनाव हार गए। राज्यसभा चुनाव से पहले नीतीश कुमार के लिए भारत रत्न की मांग करके केसी त्यागी भी चर्चा के केंद्र में हैं।





