नीतीश कुमार ने इस्तीफे से पहले अहम आदेश निकलवाया, सरकारी डॉक्टर के निजी प्रैक्टिस पर लग गई रोक
नीतीश कुमार ने बिहार के सीएम पद से इस्तीफा देने से पहले अहम आदेश निकलवाया है। राज्य के सरकारी डॉक्टरों के निजी प्रैक्टिस करने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। नीतीश ने सात निश्चय-3 के तहत यह संकल्प लिया था, जिस पर अमल कर दिया गया है।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पद छोड़ने से पहले स्वास्थ्य के क्षेत्र में अहम आदेश निकलवाया है। राज्य में सरकारी डॉक्टरों के निजी प्रैक्टिस पर रोक लगा दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को इसका संकल्प रूपी आदेश जारी कर दिया। सरकारी अस्पतालों के डॉक्टर अब पैसा लेकर निजी तौर पर इलाज नहीं कर पाएंगे। इस पर पूर्णतया प्रतिबंध लगा दिया गया है। ऐसा करने वाले चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, सरकारी डॉक्टर को निजी प्रैक्टिस से रोकने के लिए सरकार अलग से भत्ता भी देगी।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सात निश्चय-3 संकल्प के तहत यह फैसला लिया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी संकल्प के अनुसार बिहार स्वास्थ्य सेवा संवर्ग, बिहार चिकित्सा शिक्षा सेवा संवर्ग औ इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान (आईजीआईएमएस) चिकिस्ता सेवा संवर्ग के तहत सभी डॉक्टर एवं चिकित्सक शिक्षकों के निजी प्रैक्टिस पर प्रतिबंध लगाने के लिए राज्य सरकार ने सहमति प्रदान कर दी है। इसके लिए डॉक्टरों को गैर व्यावसायिक भत्ता प्रोत्साहन राशि के रूप में दिया जाएगा। इसके लिए विस्तृत दिशानिर्देश अलग से जारी किए जाएंगे।
नीतीश सरकार का अहम फैसला
नीतीश सरकार की ओर से इस बारे में पूर्व में ऐलान कर दिया था। अब इस निर्णय को लागू कर दिया गया है। पिछले दिनों समृद्धि यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लगभग सभी जनसभाओं में सरकारी डॉक्टरों के निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाने की बात कह रहे थे। अब उनके मुख्यमंत्री पद छोड़ने से ठीक पहले यह आदेश निकाल दिया गया।
जल्द इस्तीफा देंगे नीतीश
नीतीश कुमार जल्द ही बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे। वह राज्यसभा सांसद बन चुके हैं। पद छोड़ने का वह पहले ही ऐलान कर चुके हैं। अगले सप्ताह राज्य में नई सरकार के गठन होने के आसार हैं। 15 अप्रैल को नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण हो सकता है। अगला सीएम भारतीय जनता पार्टी का होगा, लेकिन नाम का अभी ऐलान नहीं किया गया है।
नीतीश कुमार ने पिछले महीने कहा था कि वह अपनी इच्छा से राज्यसभा जा रहे हैं। दो दिन पहले दिल्ली में मीडिया से बातचीत में भी उन्होंने यह बात दोहराई थी। सीएम ने कहा कि उन्होंने बिहार में 20 साल बहुत काम किया। अब केंद्र में काम करेंगे। बिहार में नए लोगो को मौका देंगे।
बता दें कि नीतीश कुमार ने बीते 16 मार्च को राज्यसभा चुनाव जीता था। 30 मार्च को उन्होंने बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। फिर 10 अप्रैल को राज्यसभा सांसद की शपथ ली। अब किसी भी समय सीएम पद छोड़ सकते हैं।
लेखक के बारे में
Jayesh Jetawatजयेश जेतावत एक अनुभवी, जुझारू एवं निष्पक्ष पत्रकार हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं की रिपोर्टिंग एवं संपादन में महारत हासिल है। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। तकनीकी रूप से निपुण जयेश, तथ्यों की बारीकी से जांच कर समयसीमा के भीतर पाठकों तक सटीक खबरें एवं शोध-परक विश्लेषण पहुंचाते हैं। जनसरोकार के मुद्दे उठाना, पेशेवर नैतिकता का पालन करना, समाज एवं मानव कल्याण के प्रति जिम्मेदारी, इन्हें और भी योग्य बनाती है। भाषा पर इनकी अच्छी पकड़ है। जटिल मुद्दों को पाठकों एवं दर्शकों तक आसान शब्दों में पहुंचाना इनकी खूबी है।
जयेश जेतावत मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इसके बाद ईटीवी भारत में बतौर प्रशिक्षु समाचार संपादक के रूप में काम शुरू किया। फिर इंडिया न्यूज के डिजिटल सेक्शन में विभिन्न बीट कवर की। इसके बाद, वे2न्यूज में बतौर टीम लीडर तीन राज्यों की कमान संभाली। साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े, तब से यहां बिहार की खबरों को कवर कर रहे हैं। जयेश ने टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव इंडिया न्यूज चैनल और सी-वोटर रिसर्च एजेंसी में इंटर्नशिप भी की। पटना से प्रकाशित मैगजीन राइजिंग मगध में समसामयिक विषयों पर इनके लेख छपते रहे हैं। समाचार लेखन के अलावा जयेश की साहित्यिक पठन एवं लेखन में रुचि है, सामाजिक मुद्दों पर कई लघु कथाएं लिख चुके हैं।


