पहले मुसलमानों का इस्तेमाल वोट बैंक के लिए किया, अब छलावा कर रहे; नीतीश ने RJD को घेरा
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को मुस्लिम समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि विपक्ष केवल वोट बैंक के लिए मुस्लिमों को लुभाने में जुटा है, जबकि उनकी भलाई के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव के समय में कुछ लोग फिर से अपने-आप को मुस्लिम समुदाय का हितैषी बताने में जुट गए हैं। ये सब छलावा है। सिर्फ मुस्लिम वर्ग के लोगों का वोट हासिल करने के लिए तरह-तरह के लालच और हथकंडे अपनाए जा रहे हैं, जबकि उन्हें किसी तरह की महत्वपूर्ण हिस्सेदारी देने का कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है।
शनिवार को एक्स पर पोस्ट कर उन्होंने राजद पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्ष 2005 से पहले राज्य में मुस्लिम समुदाय के लोगों के लिए कोई काम नहीं होता था। उससे पहले बिहार में जिन लोगों की सरकार थी उन्होंने मुस्लिम समुदाय के लोगों को सिर्फ वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में आए दिन साम्प्रदायिक झगड़े होते रहते थे। आज मुस्लिम समाज के लोगों को उनका पूरा हक मिल रहा है। बिना किसी भेदभाव के उन्हें हर क्षेत्र में उचित प्रतिनिधित्व मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि 24 नवंबर 2005 को जब हमलोगों की सरकार बनी तब से मुस्लिम समुदाय के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। आप सभी जानते हैं कि वर्ष 2025-26 में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के बजट में 306 गुना वृद्धि करते हुए 1080.47 करोड़ रुपये बजट का प्रावधान किया गया। राज्य में साम्प्रदायिक घटनाएं नहीं हो उसके लिए वर्ष 2006 से संवेदनशील कब्रिस्तानों की घेराबंदी शुरू की गयी। अब तक 8 हजार से अधिक कब्रिस्तानों की घेराबंदी करा दी गयी है। मुस्लिम समाज के परामर्श से 1273 और कब्रिस्तानों को घेराबंदी के लिए चिन्हित किया गया, जिसमें 746 कब्रिस्तानों की घेराबंदी पूर्ण हो गयी है और शेष का काम शीघ्र पूरा कर लिया जायेगा।
नीतीश कुमार ने कहा कि वर्ष 2006 से मदरसों का निबंधन किया गया। उन्हें सरकारी मान्यता दी गयी। मदरसा के शिक्षकों को सरकारी शिक्षकों के बराबर वेतन दिया जा रहा है। इसके अलावा मुस्लिम परित्यक्ता, तलाकशुदा महिलाओं को रोजगार देने के लिए वर्ष 2007 से 10 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाने लगी, जिसे अब बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दिया गया है। मुस्लिम समुदाय के लिए तालीमी मरकज और हुनर जैसी उपयोगी योजनाएं चलायी गयीं। मुस्लिम वर्ग के छात्र-छात्राओं एवं युवाओं के लिए छात्रवृत्ति, मुफ्त कोचिंग, छात्रावास, अनुदान आदि योजनाएं चलायी जा रही हैं। युवाओं को अपना रोजगार शुरू करने के लिए उद्यमी योजना का लाभ दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने मुस्लिम समाज से अपील करते हुए कहा कि आप लोग किसी भ्रम में नहीं रहें। हमारी सरकार ने जो आपके लिए काम किए हैं, उसे याद रखिए और उसी आधार पर तय कीजिए कि अपना वोट किसे देना है।
भागलपुर दंगा पीड़ितों को न्याय दिलवाया
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन्हीं विपक्षी दलों की जब सरकार थी तो वर्ष 1989 में भागलपुर में साम्प्रदायिक दंगे हुए। दंगा रोकने में सरकार विफल रही और साम्प्रदायिक दंगा पीड़ितों के लिए पूर्व की सरकारों ने कुछ नहीं किया। जब हमलोगों को सेवा का मौका मिला तो भागलपुर साम्प्रदायिक दंगा की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गयी और दंगा पीड़ितों को मुआवजा दिया गया। साथ ही दंगा से प्रभावित परिवारों को पेंशन के रूप में भी मदद दी जा रही है। पहले कितना हिन्दू-मुस्लिम झगड़ा होता था, अब आज कोई झगड़ा नहीं होता है।

लेखक के बारे में
Pawan Kumar Sharmaपवन कुमार शर्मा पिछले चार वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हैं। डिजिटल मीडिया में काम करते हुए वह उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, सरकारी योजनाओं और टूरिज्म से जुड़े मुद्दों पर नियमित रूप से लिखते हैं। इससे पहले पवन एबीपी न्यूज के साथ बतौर फ्रीलांसर काम कर चुके हैं। पवन ने नई दिल्ली स्थित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इससे पहले क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। ग्राउंड रिपोर्टिंग और अकादमिक समझ के साथ पवन तथ्यात्मक, संतुलित और पाठक-केंद्रित समाचार लेखन करते हैं।
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