निशांत कुमार डिप्टी सीएम बनने को तैयार नहीं? जेडीयू विधायक दल की बैठक नहीं होगी

Apr 14, 2026 05:47 pm ISTRitesh Verma लाइव हिन्दुस्तान, पटना
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Nitish JDU Dy CM: नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू के विधायकों की बैठक टल गई है। नीतीश के बेटे निशांत कुमार अभी डिप्टी सीएम बनने के लिए तैयार नहीं हैं, इसलिए सदन में जदयू का नया नेता चुनने का सवाल फिलहाल टाल दिया गया है।

निशांत कुमार डिप्टी सीएम बनने को तैयार नहीं? जेडीयू विधायक दल की बैठक नहीं होगी

Nitish JDU Dy CM: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के विधायक दल की बैठक टल गई है। पहले यह कहा गया था कि आज नीतीश कुमार कैबिनेट की आखिरी मीटिंग के बाद विधायक दल की बैठक करेंगे, जिसमें पार्टी विधानसभा और विधान परिषद यानी दोनों सदनों में अपना नया नेता चुनेगी। लेकिन सूत्रों के हवाले से अब खबर यह आ रही है कि यह बैठक टल गई है। इसकी वजह नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का डिप्टी सीएम पद के लिए अभी तैयार नहीं होना है। सूत्रों का कहना है कि निशांत तुरंत सरकार में शामिल नहीं होना चाहते हैं और यह भी चाहते हैं कि वो पहले विधायक या विधान पार्षद बन जाएं, तब सरकार में कोई पद लें। पार्टी के नेता उनको मनाने में जुटे हैं, लेकिन अभी तक निशांत अपने स्टैंड पर अड़े हैं। इसलिए पार्टी ने सदन में नेता चुनने के सवाल को ही फिलहाल टाल दिया है। निशांत अंत तक नहीं माने तो नीतीश 15 अप्रैल को नई सरकार में जदयू के एक या दो नेता को डिप्टी सीएम बनवा सकते हैं।

बिहार की राजनीति में आज बदलाव का दिन है। राज्य की जनता को अपने नए मुख्यमंत्री का नाम पता चलेगा, जो भाजपा का पहला सीएम होगा। जेडीयू और एनडीए विधानमंडल दल के नेता के तौर पर सरकार चला रहे नीतीश आज इस्तीफे दे रहे हैं। नीतीश के बाद एनडीए विधायक दल तो भाजपा विधायक दल के नेता को अपना नेता चुन लेगा, लेकिन जदयू के विधायकों को नीतीश की जगह नया नेता चुनना होगा। राज्यसभा सांसद नीतीश अभी जेडीयू विधानमंडल दल के नेता हैं।

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बिहार विधानमंडल में विधानसभा और विधान परिषद दोनों है, इसलिए कोई नेता एमएलसी रहते हुए भी मुख्यमंत्री बन जाता है। नीतीश विधान परिषद सदस्य के तौर पर सीएम बनते रहे हैं, क्योंकि वो विधानमंडल दल का नेता बनते हैं। सरकार को बहुमत विधानसभा में साबित करना होता है, जहां विधायकों की गिनती होती है। जदयू विधानमंडल दल के मौजूदा नेता नीतीश कुमार हैं। विधानसभा में श्रवण कुमार और विधान परिषद में ललन सर्राफ जदयू के उपनेता हैं। नीतीश के नेता पद से हटने के बाद दोनों सदनों में पार्टी को एक-एक नेता बनाना है।

निशांत कुमार, विजेंद्र यादव, विजय चौधरी या श्रवण कुमार; जदयू का डिप्टी सीएम कौन?

निशांत अभी डिप्टी सीएम बनकर सरकार में आने को राजी नहीं होते हैं तो जेडीयू को विधान परिषद के साथ-साथ विधानसभा में नया नेता चुनना होगा। विधानसभा में जदयू के 85 विधायक हैं। सरकार चलाने में नीतीश के सबसे करीब संसदीय कार्यमंत्री विजय चौधरी दिखते रहे हैं और नीतीश के साथ अहम फैसलों के वक्त खड़े रहते हैं। मौजूदा उप-नेता श्रवण कुमार भी नीतीश के भरोसेमंद, उनके ही इलाके और जाति से आते हैं। निशांत नहीं मानते हैं तो नीतीश के करीबी नेताओं में ही किसी को जदयू विधायक दल का नेता बनाया जा सकता है। जेडीयू का नया नेता नई सरकार में डिप्टी सीएम भी बन सकता है। इस वजह से जदयू विधायक दल के नेता पर भी सबकी नजर है।

नीतीश की जगह विधान परिषद में जदयू का नेता कौन- संजय गांधी, ललन सर्राफ या नीरज कुमार?

नीतीश विधान परिषद के सदस्य के तौर पर ही जदयू और एनडीए के विधानमंडल दल के नेता चुने जाते थे। एमएलसी पद से इस्तीफा के बाद जदयू को विधान परिषद में भी नया नेता चुनना होगा। इस सदन में जेडीयू के उप-नेता ललन सर्राफ हैं। नीतीश के करीबी संजय गांधी और पार्टी प्रवक्ता नीरज कुमार विधान परिषद में मुख्य सचेतक और सचेतक हैं। भाजपा से संजय मयूख उप मुख्य सचेतक और रीना देवी सचेतक हैं। नीतीश को अपने बाद काउंसिल में जदयू का नया नेता भी तय करना है। चीफ और डिप्टी चीफ व्हिप पदों पर अदला-बदली करके भाजपा का चीफ और जदयू का डिप्टी बन सकता है।

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रीतेश वर्मा पत्रकारिता में 25 साल से अलग-अलग भूमिका में अखबार, टीवी और डिजिटल में काम कर चुके हैं। दैनिक जागरण के साथ बिहार में 5 साल तक जिला स्तर की प्रशासनिक और क्राइम रिपोर्टिंग करने के बाद रीतेश ने आईआईएमसी, दिल्ली में दाखिला लेकर पत्रकारिता की पढ़ाई की। एक साल के अध्ययन ब्रेक के बाद रीतेश ने विराट वैभव से दोबारा काम शुरू किया। फिर दैनिक भास्कर में देश-विदेश का पेज देखा। आज समाज में पहले पन्ने पर काम किया। बीबीसी हिन्दी के साथ आउटसाइड कंट्रीब्यूटर के तौर पर जुड़े। अखबारों के बाद रीतेश ने स्टार न्यूज के जरिए टीवी मीडिया में कदम रखा। रीतेश ने टीवी चैनलों में रिसर्च डेस्क पर लंबे समय तक काम किया है और देश-दुनिया के विषयों पर तथ्यपरक जानकारी सहयोगियों को आगे इस्तेमाल के लिए मुहैया कराई है। सहारा समय और इंडिया न्यूज में भी रीतेश रिसर्च का काम करते रहे। इंडिया न्यूज की पारी के दौरान वो रिसर्च के साथ-साथ चैनल की वेब टीम के हेड बने और इनखबर न्यूज पोर्टल को बतौर संपादक शुरू किया। लाइव हिन्दुस्तान के साथ एडिटर- न्यू इनिशिएटिव के तौर पर पिछले 6 साल से जुड़े रीतेश फिलहाल उत्तर प्रदेश और बिहार की खबरों और दोनों राज्यों की टीम को देखते हैं। और पढ़ें
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