जेपी की परंपरा, जंगलराज से मुक्ति... नीतीश कुमार की अमित शाह ने जमकर की तारीफ; कर दिया नामांकन
अमित शाह ने कहा कि 2005 से अब तक नीतीश कुमार सीएम रहे। उनका यह कार्य़काल बिहार के इतिहास में स्वर्णि म अक्षरों में लिखा जाएगा। उन्होंने अपने काल में राज्य को जंगलराज से मुक्त किया। उन्होंने सड़कों का जाल बिछाया। उनके कुर्ते पर भी कभी दाग नहीं लगा।'

नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री का पद छोड़कर अब दिल्ली की राह पर निकल रहे हैं। उन्होंने बिहार विधानसभा परिसर में गुरुवार को राज्यसभा के लिए नामांकन किया। इस दौरान होम मिनिस्टर अमित शाह, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी समेत कई नेता मौजूद थे। नीतीश कुमार के साथ ही भाजपा के अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी नामांकन दाखिल कर दिया है। शिवेश राम और उपेंद्र कुशवाहा ने भी नामांकन दाखिल कर दिया। इस मौके पर गृह मंत्री अमित शाह लगातार नीतीश कुमार के साथ मौजूद रहे। उन्होंने नीतीश कुमार की सराहना भी की है और कहा कि बिहार के लोग उनके कार्यकाल को हमेशा याद करेंगे।
अमित शाह ने कहा कि हम और भाजपा के करोड़ों कार्यकर्ता नितिन नवीन जी का संसद में स्वागत करते हैं। इसके अलावा उन्होंने नीतीश कुमार की जमकर तारीफ की। शाह ने कहा, 'नीतीश कुमार जी ने भी अपना नामांकन किया है। लंबे अरसे के बाद नीतीश कुमार राज्यसभा में प्रवेश करेंगे। 2005 से अब तक वह सीएम रहे। उनका यह कार्य़काल बिहार के इतिहास में स्वर्णि म अक्षरों में लिखा जाएगा। उन्होंने अपने काल में राज्य को जंगलराज से मुक्त किया। उन्होंने सड़कों का जाल बिछाया। उनके कुर्ते पर भी कभी दाग नहीं लगा।'
होम मिनिस्टर ने कहा कि बिना किसी आरोप के उन्होंने इतना लंबा सफर शायद ही किसी नेता ने तय किया होगा। हर घर में बिजली पहुंचाने में उनका बड़ा रोल है। उन्होंने सार्वजनिक जीवन में हमेशा शुचिता और ईमानदारी बरती। उनकी लीडरशिप में ही पीएम मोदी की भेजी हुई हर योजना जन-जन तक पहुंची। वह जेपी आंदोलन से निकले प्रमुख नेता थे। उन्होंने पूरी जिंदगी जेपी के सिद्धांतों पर चलकर गुजारी है। हम उनका दिल से स्वागत करते हैं। उनके कार्यकाल को बिहार के लोग हमेशा याद रखेंगे और उसका सम्मान भी करेंगे।
गौरतलब है कि नीतीश कुमार ने एक फेसबुक पोस्ट लिखकर अपनी राज्यसभा की इच्छा जाहिर की है। उनका कहना था कि अपनी संसदीय राजनीति में वह लोकसभा में रहे, विधानसभा के दोनों सत्रों में रहे और अब राज्यसभा जाने की इच्छा है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में नई बनने वाली सरकार को मेरा पूरा समर्थन और मार्गदर्शन मिलेगा। गौरतलब है कि नीतीश कुमार के हटने के बाद उनके बेटे निशांत कुमार को डिप्टी सीएम का पद मिल सकता है। वहीं बिहार के राजनीतिक इतिहास में पहली बार भाजपा का मुख्यमंत्री हो सकता है। हालांकि यह तय नहीं है कि भाजपा की ओर से कौन सा नेता कमान संभालेगा।
लेखक के बारे में
Surya Prakashदुनियादारी में रुचि पत्रकारिता की ओर खींच लाई। समकालीन राजनीति पर लिखने के अलावा सामरिक मामलों, रणनीतिक संचार और सभ्यतागत प्रश्नों के अध्ययन में रुचि रखते हैं। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रायबरेली के रहने वाले सूर्यप्रकाश को पत्रकारिता जगत में करीब डेढ़ दशक का अनुभव है। 10 वर्षों से ज्यादा समय से डिजिटल मीडिया में कार्यरत हैं। लाइव हिन्दुस्तान के लिए राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय एवं राज्यों से संबंधित खबरों का संपादन करते हैं एवं डेस्क इंचार्ज के तौर पर भी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। समाचारों के त्वरित प्रकाशन से लेकर विस्तृत अध्ययन के साथ एक्सप्लेनर आदि में भी रुचि रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज प्रकाशित करने और खबरों के अंदर की खबर को विस्तार से समझाने में रुचि रखते हैं। हिंदी भाषा की डिजिटल पत्रकारिता के नए आयामों को समझते हैं और उसके अनुसार ही पाठकों को खबरें देने के लिए तत्परता रखते हैं।
अकादमिक योग्यता: एक तरफ डेढ़ दशक का सक्रिय पत्रकारिता करियर रहा है तो वहीं दूसरी तरफ सूर्यप्रकाश अकादमिक अध्ययन में भी गहरी दिलचस्पी रखते रहे हैं। पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन और मास्टर्स की पढ़ाई के साथ ही 'हाइब्रिड वारफेयर में मीडिया के इस्तेमाल' जैसे महत्वपूर्ण एवं उभरते विषय पर पीएचडी शोध कार्य भी किया है। पत्रकारिता, समाज, साहित्य में रुचि के अलावा वारफेयर में मीडिया के प्रयोग पर भी गहरा अध्ययन किया है। इसी कारण डिफेंस स्टडीज जैसे गूढ़ विषय में भी वह रुचि रखते हैं। इस प्रकार सूर्यप्रकाश का एक लंबा पेशेवर अनुभव रहा है तो वहीं गहरी अकादमिक समझ भी रही है।
राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय महत्व के समाचारों में गहरी दिलचस्पी रखते हैं तो वहीं नैरेटिव वारफेयर के बारे में भी गहरा अध्ययन है। खबरों के अंदर की खबर क्या है और किसी भी समाचार के मायने क्या हैं? ऐसी जरूरी चीजों को पाठकों तक पहुंचाने में भी रुचि रखते हैं। लाइव हिन्दुस्तान में बीते 5 सालों से जुड़े हैं और गुणवत्तापूर्ण समाचार देने की मुहिम को बल प्रदान किया है। सूर्यप्रकाश को पाठकों की पसंद को समझने और उसके अनुसार समाचारों के प्रस्तुतिकरण में भी महारत हासिल है। कठिन विषयों को सरल शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने की रुचि है और इसी कारण एक्सप्लेनर आदि भी लिखते हैं।
और पढ़ें

