बिहार में महिलाओं के लिए नीतीश सरकार खोलेगी खजाना, 48 हजार करोड़ से अधिक करेगी खर्च
बिहार बजट में आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए किए गए उपबंध के तहत सिर्फ महिला सशक्तीकरण पर 9052 करोड़ 32 लाख रुपये खर्च होंगे। इस राशि से महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया जाएगा।
बिहार में 3.46 लाख करोड़ रुपये के वार्षिक बजट में करीब 48 हजार करोड़ से अधिक रुपये महिलाओं के बहुमुखी विकास और आत्मनिर्भर बनाने पर खर्च किए जाएंगे। वहीं, सिर्फ सात निश्चय-3 के तहत करीब 14 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाने का अनुमान है। इनमें सिर्फ महिलाओं की हिस्सेदारी के रूप में नौ हजार करोड़ खर्च किए जाएंगे।
बिहार का वार्षिक बजट पेश करने के बाद सरकार की ओर से जेंडर बजट बनाने की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसे चालू बजट सत्र के अंतिम सप्ताह में बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों में पेश किया जाएगा। इस जेंडर बजट के तहत विभिन्न विभागों की योजनाओं में सिर्फ महिलाओं के ऊपर खर्च होने वाली राशि और सामान्य खर्च में महिलाओं की हिस्सेदारी को समेकित रूप से पेश जाता है।
जेंडर बजट में अधिक विभागों की रिपोर्टिंग होगी
जानकारी के अनुसार, जेंडर बजट में चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 की तुलना में आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अधिक विभागों की रिपोर्टिंग की जाएगी। चालू वित्तीय वर्ष के जेंडर बजट में 25 विभागों की रिपोर्टिंग हुई थी, जबकि आगामी वित्तीय वर्ष में 27 विभागों की रिपोर्टिंग होगी।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
बिहार बजट में आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए किए गए उपबंध के तहत सिर्फ महिला सशक्तीकरण पर 9052 करोड़ 32 लाख रुपये खर्च होंगे। इस राशि से महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया जाएगा।





