70 हजार करोड़ की सैलरी बांटेगी नीतीश सरकार, दनादन भर्तियों से कितना बढ़ गया वेतन खर्च?

Feb 15, 2026 03:03 pm ISTJayesh Jetawat हिन्दुस्तान ब्यूरो, पटना
share

बिहार की नीतीश सरकार आगामी वित्तीय वर्ष में सरकारी कर्मचारियों को सैलरी देने के लिए 70 हजार करोड़ रुपये खर्च कर देगी। वहीं, लगभग 35 हजार करोड़ रुपये पेंशन मद में खर्च किए जाएंगे। 

70 हजार करोड़ की सैलरी बांटेगी नीतीश सरकार, दनादन भर्तियों से कितना बढ़ गया वेतन खर्च?

बिहार सरकार की ओर से रोजगार एवं नौकरी के अवसर उपलब्ध कराने को प्रमुखता दिए जाने के कारण सरकारी खजाने पर भी दबाव बढ़ गया है। राज्य के सरकारी कर्मियों को मिलने वाले वेतन आकार पिछले 20 सालों में 13 गुना तक बढ़ गया है। हाल ही में राज्य सरकार द्वारा बजट सत्र के दौरान विधानमंडल में पेश किए गए वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में इससे संबंधित जानकारी दी गई है। सरकार ने बताया कि आगामी वित्तीय वर्ष में सरकारी कर्मचारियों एवं अधिकारियों को सैलरी देने में 70 हजार 220 करोड़ रुपये खर्च कर दिए जाएंगे।

आज से 20 साल पहले वित्तीय वर्ष 2005–06 में बिहार सरकार के बजट में वेतन मद से महज 5152 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। मौजूदा वित्तीय वर्ष 2025–26 में वेतन मद का आकार बढ़कर 51 हजार 690 करोड़ रुपये हो गया। जबकि आगामी 2026–27 में यह 70 हजार से ऊपर पहुंच जाएगा। बिहार में अब तक का वेतन मद में यह सबसे बड़ा बजट आकार है। इसमें सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाली पेंशन का खर्च शामिल नहीं है।

पेंशन का खर्च वर्तमान बजट में 35 हजार 170 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो वेतन मद की आधी राशि है। जबकि, वित्तीय वर्ष 2005–06 में पेंशन मद का बजट आकार महज 2456 करोड़ रुपये हुआ करता था। वेतन मद की तरह ही पेंशन में भी बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बिहार में हाल के कुछ सालों में हुई दनादन बहाली से सैलरी और पेंशन के खर्च में भी बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है।

दो सालों में 2 लाख से अधिक पदों पर हुई बहाली

वेतन मद में लगातार बढ़ते बजट आकार से यह स्पष्ट है कि सरकारी नौकरियों में लोगों को काफी अवसर मिल रहे हैं। सरकारी महकमों खासकर शिक्षा, पुलिस, स्वास्थ्य जैसे विभागों में बड़ी संख्या में अलग-अलग पदों पर लगातार बहाली की जा रही है। नतीजतन, वर्तमान में सरकारी कर्मियों की संख्या बढ़कर करीब 9 लाख 50 हजार हो गई है।

20 साल पहले तक इनकी संख्या करीब 3 लाख 50 हजार ही थी। इसमें तीन गुणा से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सिर्फ पिछले दो वर्षों में शिक्षक, सिपाही समेत अन्य को मिलाकर 2 लाख से अधिक कर्मियों की बहाली की गई है। आने वाले 5 वर्षो में राज्य सरकार द्वारा 10 लाख सरकारी नौकरी के साथ ही एक करोड़ से अधिक रोजगार देने का लक्ष्य तय किया गया है। ऐसे में 2030 तक वेतन और पेंशन का खर्च कई गुना और बढ़ने की संभावना है।

Jayesh Jetawat

लेखक के बारे में

Jayesh Jetawat

जयेश जेतावत एक अनुभवी, जुझारू एवं निष्पक्ष पत्रकार हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं की रिपोर्टिंग एवं संपादन में महारत हासिल है। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। तकनीकी रूप से निपुण जयेश, तथ्यों की बारीकी से जांच कर समयसीमा के भीतर पाठकों तक सटीक खबरें एवं शोध-परक विश्लेषण पहुंचाते हैं। जनसरोकार के मुद्दे उठाना, पेशेवर नैतिकता का पालन करना, समाज एवं मानव कल्याण के प्रति जिम्मेदारी, इन्हें और भी योग्य बनाती है। भाषा पर इनकी अच्छी पकड़ है। जटिल मुद्दों को पाठकों एवं दर्शकों तक आसान शब्दों में पहुंचाना इनकी खूबी है।

जयेश जेतावत मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इसके बाद ईटीवी भारत में बतौर प्रशिक्षु समाचार संपादक के रूप में काम शुरू किया। फिर इंडिया न्यूज के डिजिटल सेक्शन में विभिन्न बीट कवर की। इसके बाद, वे2न्यूज में बतौर टीम लीडर तीन राज्यों की कमान संभाली। साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े, तब से यहां बिहार की खबरों को कवर कर रहे हैं। जयेश ने टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव इंडिया न्यूज चैनल और सी-वोटर रिसर्च एजेंसी में इंटर्नशिप भी की। पटना से प्रकाशित मैगजीन राइजिंग मगध में समसामयिक विषयों पर इनके लेख छपते रहे हैं। समाचार लेखन के अलावा जयेश की साहित्यिक पठन एवं लेखन में रुचि है, सामाजिक मुद्दों पर कई लघु कथाएं लिख चुके हैं।

और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News और Bihar News के साथ-साथ Patna News, Muzaffarpur News, Bhagalpur News और अन्य बड़े शहरों की ताज़ा खबरें हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।