जमीन विवाद पर नीतीश सरकार सख्त, विजय सिन्हा बोले- जरूरत पड़ी तो कानून भी बनाएंगे
बिहार में जमीन विवाद रोकने को लेकर नीतीश सरकार सख्त हो गई है। डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने कहा कि अगर जरूरत पड़े, तो केंद्र सरकार के सहयोग से नया कानून भी बनाया जाएगा।
बिहार के डिप्टी सीएम सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने लगातार तीसरे दिन गुरुवार को अपने कार्यालय कक्ष में विभागीय कार्यों की गहन समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि जमीन विवाद रोकने के लिए गलत कागजात पर सख्ती की जाएगी। उन्होंने राज्य में बढ़ते भूमि विवाद और गलत कागजात तैयार करने वाले माफिया तत्वों पर चिंता व्यक्त की और कहा कि ऐसे तत्व आम जनता को न्यायालय तक परेशान करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की शिकायत मिलते ही उच्चस्तरीय टीम बनाकर जांच कराई जाएगी तथा दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
डिप्टी सीएम सिन्हा ने यह भी कहा कि अगर जरूरत पड़ी, तो केंद्र सरकार के सहयोग से ऐसे मामलों को रोकने के लिए नया कानून भी बनाया जाएगा। ई-मापी से संबंधित बढ़ती शिकायतों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसकी सख्त निगरानी कराई जाए ताकि रैयतों को जमीन मापी में आसानी हो और अमीनों की मनमानी रुके। उन्होंने सभी अंचलों के अमीनों के कार्यों का आकलन कर रिपोर्ट देने को कहा।
साथ ही उन्होंने बताया कि अब ई-मापी रिपोर्ट के लिए विभाग निर्धारित परफॉर्मा अनिवार्य कर रहा है। राज्य में जमीन के पुराने कागजात कैथी लिपि में होने से नागरिकों को हो रही दिक्कतों को दूर करने के लिए उपमुख्यमंत्री ने जिलावार कैथी लिपि विशेषज्ञों का पैनल बनाने और उनकी सूची अंचल कार्यालयों में लगाने का निर्देश दिया। इसके साथ ही इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर भी जोर दिया। बैठक में उन्होंने बिहार भूमि पोर्टल के उपयोगकर्ताओं की संख्या बढ़ाने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने को कहा।





