जमीन विवाद के निबटारे में अफसरों की मनमानी नहीं चलेगी, नीतीश सरकार ने की सख्ती
डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जमीन विवाद के निपटारे में निष्पक्षता एवं एकरूपता बनाने के निर्देश दिए हैँ।
बिहार में जमीन विवाद के निबटारे में अब राजस्व अधिकारियों और कर्मियों की मनमानी नहीं चलेगी। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सोमवार को प्रशासनिक और अर्द्ध-न्यायिक कार्यों में समानता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। उपमुख्यमंत्री सह राजस्व मंत्री विजय सिन्हा ने इस संबंध में दिशा-निर्देश दिए हैं। इसके बाद विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल ने सभी समाहर्ता और राजस्व अधिकारियों को पत्र लिखा है।
पत्र में स्पष्ट किया गया है कि सभी राजस्व पदाधिकारी संविधान के अनुच्छेद-14 और समता सिद्धांत का अनिवार्य रूप से पालन करेंगे, ताकि समान परिस्थिति वाले मामलों में समान निर्णय सुनिश्चित हो सके।
पत्र में कहा गया है कि भूमि विवाद, दाखिल-खारिज, अतिक्रमण हटाने, जमाबंदी कायम करने, पट्टा देयता तथा सार्वजनिक भूमि से जुड़े मामलों में एकरूप, निष्पक्ष और पारदर्शी कार्रवाई अपेक्षित है। पहचान देखकर आदेश देना, दबाव में भिन्न व्यवहार करना, समान मामलों में अलग-अलग आदेश पारित करना और चयनात्मक सख्ती जैसे कृत्य पर रोक लगाने को कहा गया है। इन दिशा-निर्देशों के अनुपालन की जिम्मेदारी जिला समाहर्ताओं को सौंपी गई है।
डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने सोमवार को कहा कि नीतीश सरकार के सात निश्चय के तहत सबका सम्मान-जीवन आसान के लभ्य को तभी साकार किया जा सकता है, जब आम नागरिक को यह भरोसा हो कि उसकी जमीन और अधिकारों से जुड़े मामलों में निष्पक्ष और एकरूप कार्रवाई होगी।





